Braj 84 kos parikrama date 2026 – बृज 84 कोस परिक्रमा कब है, अधिक मास 2026 कब है

ब्रज मंडल भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला स्थली मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आकर 84 कोस परिक्रमा करते हैं। ऐसे में भक्तों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न रहता है कि Braj 84 kos parikrama date 2026 क्या है और यह परिक्रमा कब शुरू होगी।

rozkibaat.com के इस विशेष लेख में हम आपको Braj 84 kos parikrama date 2026, अधिक मास 2026, परिक्रमा मार्ग, नियम और मुख्य पड़ावों की पूरी जानकारी देंगे।

Braj 84 kos parikrama date 2026
Braj 84 kos parikrama date 2026 – बृज 84 कोस परिक्रमा कब है, अधिक मास 2026 कब है

Braj 84 kos parikrama date 2026

भक्तों के लिए Braj 84 kos parikrama date 2026 बेहद महत्वपूर्ण है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष 2026 में ब्रज 84 कोस परिक्रमा मुख्य रूप से:

  • भाद्रपद मास (अगस्त–सितंबर)
  • कार्तिक मास (अक्टूबर–नवंबर)
  • और अधिक मास 2026 के दौरान विशेष रूप से की जाएगी।

लाखों श्रद्धालु इन पवित्र महीनों में Braj 84 kos parikrama date 2026 के अनुसार यात्रा करते हैं।


Adhik Maas 2026: अधिकमास 17 मई से 15 जून तक

साल 2026 में अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा।

इस दौरान Braj 84 kos parikrama date 2026 का विशेष महत्व माना जाता है।

मान्यता है कि अधिक मास में की गई ब्रज यात्रा कई गुना अधिक पुण्य प्रदान करती है।


84 kos yatra kab hai

बहुत से भक्त पूछते हैं कि 84 kos yatra kab hai?

धार्मिक दृष्टि से यह यात्रा सालभर की जा सकती है, लेकिन तीन समय सबसे अधिक शुभ माने जाते हैं:

1. अधिक मास 2026

17 मई से 15 जून तक

2. भाद्रपद मास

अगस्त–सितंबर

3. कार्तिक मास

अक्टूबर–नवंबर

इन्हीं समयों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु Braj 84 kos parikrama date 2026 के अनुसार परिक्रमा करते हैं।


ब्रज 84 कोस परिक्रमा क्या है?

ब्रज मंडल की 84 कोस परिक्रमा लगभग 250 से 300 किलोमीटर की यात्रा होती है।

यह यात्रा भगवान श्रीकृष्ण की बाल और किशोर लीलाओं से जुड़े स्थलों का दर्शन कराती है।

इस परिक्रमा में:

  • मथुरा
  • वृंदावन
  • गोवर्धन
  • बरसाना
  • नंदगांव
  • गोकुल
    जैसे प्रमुख तीर्थ शामिल होते हैं।

Braj 84 kos parikrama date 2026 में परिक्रमा कहाँ से शुरू होगी?

अधिकतर श्रद्धालु Braj 84 kos parikrama date 2026 के दौरान यात्रा की शुरुआत मथुरा से करते हैं।

यहीं परिक्रमा का संकल्प लिया जाता है और अंत भी यहीं होता है।


ब्रज 84 कोस परिक्रमा का पूरा मार्ग

मथुरा

मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है।

मधुवन

यह वह स्थान है जहां ध्रुव जी ने तपस्या की थी।

तालवन और कुमुदवन

ये भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख लीला स्थली माने जाते हैं।

राधाकुण्ड और गोवर्धन

गोवर्धन की परिक्रमा भी इसमें शामिल होती है।

बरसाना

बरसाना राधारानी की जन्मभूमि मानी जाती है।

नंदगांव

नंदगांव नंद बाबा का गांव है।

कोकिलावन

यहां शनिदेव का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।

गोकुल

गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण ने बाल लीलाएं की थीं।


बड़ी और छोटी परिक्रमा में अंतर

84 कोस परिक्रमा (बड़ी)

  • दूरी: लगभग 250–300 किलोमीटर
  • समय: 30–40 दिन
  • पूरा ब्रज मंडल शामिल

गोवर्धन परिक्रमा (छोटी)

  • दूरी: लगभग 21 किलोमीटर
  • समय: 5–6 घंटे
  • केवल गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा

Braj 84 kos parikrama date 2026 के नियम

अगर आप Braj 84 kos parikrama date 2026 में यात्रा करना चाहते हैं तो कुछ नियमों का पालन जरूरी है।

जरूरी नियम

  • सात्विक भोजन करें
  • भगवान का नाम जप करें
  • ब्रज भूमि का सम्मान करें
  • पैदल यात्रा में संयम रखें
  • किसी भी पवित्र स्थल को अपवित्र न करें

परिक्रमा के दौरान सावधानियां

स्वास्थ्य का ध्यान रखें

गर्मी और लंबी यात्रा के कारण पानी साथ रखें।

आरामदायक कपड़े पहनें

पैदल यात्रा के लिए हल्के कपड़े उपयोग करें।

समूह के साथ यात्रा करें

पहली बार यात्रा करने वाले लोगों को जत्थे के साथ चलना चाहिए।


अधिक मास में Braj 84 kos parikrama date 2026 का महत्व

अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति का विशेष महत्व बताया गया है।

मान्यता है कि इस दौरान की गई Braj 84 kos parikrama date 2026 से:

  • पापों का नाश होता है
  • मन शुद्ध होता है
  • भगवान की कृपा प्राप्त होती है

ब्रज यात्रा का आध्यात्मिक महत्व

ब्रज मंडल की यात्रा केवल पैदल चलना नहीं है, बल्कि यह आत्मा को भगवान से जोड़ने का मार्ग मानी जाती है।

भक्त मानते हैं कि:

  • ब्रज की धूल भी पवित्र है
  • हर कदम पर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मिलता है
  • परिक्रमा से जीवन में शांति आती है

निष्कर्ष

अगर आप भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाना चाहते हैं तो Braj 84 kos parikrama date 2026 आपके लिए बेहद खास हो सकती है।

2026 में अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा और इसी दौरान लाखों श्रद्धालु ब्रज यात्रा करेंगे।

rozkibaat.com की यही कामना है कि सभी भक्तों को ब्रज यात्रा का दिव्य अनुभव प्राप्त हो और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सदैव बनी रहे।

FAQs

1. Braj 84 kos parikrama date 2026 कब है?
Braj 84 kos parikrama date 2026 मुख्य रूप से अधिक मास, भाद्रपद और कार्तिक महीने में की जाएगी। अधिक मास 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा।

2. 84 kos yatra kab hai?
84 कोस यात्रा सालभर की जा सकती है, लेकिन अधिक मास, भादों और कार्तिक मास में इसका विशेष महत्व माना जाता है। 🙏

3. ब्रज 84 कोस परिक्रमा कहाँ से शुरू होती है?
अधिकतर श्रद्धालु मथुरा से परिक्रमा शुरू करते हैं और वहीं समाप्त करते हैं।

4. बड़ी और छोटी परिक्रमा में क्या अंतर है?
84 कोस परिक्रमा लगभग 250–300 किलोमीटर की होती है, जबकि गोवर्धन परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर की मानी जाती है।

5. अधिक मास 2026 कब से कब तक है?
अधिक मास 2026 यानी पुरुषोत्तम मास 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा।

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