Sunderkand: रामचरित मानस के सुंदरकांड में ‘सुंदर’ किसका नाम है? बहुत कम लोगों को पता होता है सच्चाई

जब भी हम रामचरित मानस की बात करते हैं, सबसे पहले गोस्वामी तुलसीदासजी का नाम आता है। उनके द्वारा लिखी गई ये महान कृति सात कांडों में बंटी है। लेकिन इन सात कांडों में से Sunderkand एक ऐसा हिस्सा है, जिसके नाम को लेकर लोग आज भी कन्फ्यूज रहते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि इस कांड में आखिर “सुंदर” किसका नाम है?
यही वजह है कि आज मैं इस पूरे विषय को बिल्कुल आसान और मेरी ही तरह की सिंपल भाषा में समझा रहा हूँ, ताकि आपको साफ-साफ समझ आए कि Sunderkand का नाम Sunderkand ही क्यों रखा गया।

Sunderkand
Sunderkand: रामचरित मानस के सुंदरकांड में ‘सुंदर’ किसका नाम है? बहुत कम लोगों को पता होता है सच्चाई

Sunderkand क्या है और इसमें क्या बताया गया है

रामचरित मानस में कुल 7 कांड हैं और पाँचवां कांड है Sunderkand। अगर आप ध्यान दें तो बाकी ज्यादातर कांडों के नाम वहां हुई घटनाओं या स्थानों पर रखे गए हैं। लेकिन Sunderkand की कहानी थोड़ी अलग है।

इस कांड में मुख्य रूप से हनुमानजी द्वारा माता सीता की खोज का वर्णन है समुद्र पार करना, लंका पहुँचना, अशोक वाटिका में माता सीता को ढूँढना और अंत में श्रीराम का संदेश देना ये सब Sunderkand में आता है।

लेकिन सवाल वही…
अगर इस कांड में पूरा केंद्रबिंदु हनुमानजी, समुद्र यात्रा और सीता-खोज पर है, तो नाम Sunderkand क्यों रखा गया


रामचरित मानस के 7 कांड कौन-कौन से हैं?

चलो पहले कांडों की लिस्ट एक बार जल्दी से देख लेते हैं — ताकि कनेक्शन समझ आए:

  1. बालकांड – श्रीराम के बचपन का वर्णन
  2. अयोध्याकांड – वनवास की घटनाएं
  3. अरण्यकांड – जंगल का समय, राक्षसों के वर्णन
  4. किष्किंधा कांड – सुग्रीव से मिलना और हनुमानजी का प्रवेश
  5. Sunderkand – हनुमानजी द्वारा माता सीता की खोज
  6. लंका कांड (युद्धकांड) – रावण वध
  7. उत्तरकांड – श्रीराम का राज्याभिषेक और आगे का जीवन

बाकी कांडों के नाम वहां की घटनाओं, स्थान या परिस्थितियों पर आधारित हैं।
लेकिन Sunderkand का नाम घटना की जगह स्थान के एक खास हिस्से पर रखा गया है, और यहीं लोगों को जानकारी कम मिलती है।


Sunderkand का नाम Sunderkand ही क्यों रखा गया?

अब आते हैं असली पॉइंट पर आखिर “सुंदर” कौन था?

वाल्मीकि रामायण में एक बहुत ही दिलचस्प बात बताई गई है।
लंका त्रिकूट पर्वत पर बसी हुई थी और इस पर्वत के तीन हिस्से थे।
इनमें से जिस हिस्से पर अशोक वाटिका थी, वही हिस्सा “सुंदर पर्वत” कहलाता था।

और जैसा कि सब जानते हैं
माता सीता की खोज हनुमानजी ने अशोक वाटिका में ही की थी।

इसलिए वाल्मीकि रामायण के अनुसार,
Sunderkand की सबसे महत्वपूर्ण घटना सुंदर पर्वत वाले क्षेत्र में हुई
इसलिए इस कांड का नाम रखा गया Sunderkand

यानी “सुंदर” किसी व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि लंका के उस पर्वत का नाम था, जहां माता सीता से पहली बार हनुमानजी की मुलाकात हुई।


Sunderkand को इतना पवित्र क्यों माना जाता है?

बहुत लोग Sunderkand का रोज पाठ करते हैं और इसके पीछे कई कारण हैं:

  • इसमें हनुमानजी की अद्भुत शक्ति और भक्ति का वर्णन है
  • संकटों से मुक्ति के लिए इसे बहुत प्रभावी माना जाता है
  • सीता माता, भगवान राम और हनुमानजी के मिलन का संदेश इसमें मिलता है
  • हनुमानजी की बुद्धि, वीरता, निष्ठा और विनम्रता – सब एक साथ देखने को मिलती हैं

कहा जाता है कि Sunderkand का पाठ करने से मन शांत होता है, नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में साहस बढ़ता है।


वाल्मीकि रामायण और Sunderkand का कनेक्शन

गोस्वामी तुलसीदासजी की रामचरित मानस बहुत लोकप्रिय है, लेकिन “सुंदर पर्वत” वाली जानकारी वाल्मीकि रामायण से आती है।

रामायण में बताया गया है कि:

  • लंका त्रिकूट पर्वत पर बसी थी
  • पर्वत के तीन भाग थे – और उनमें से एक का नाम था “सुंदर”
  • अशोक वाटिका इसी सुंदर हिस्से में थी
  • इसलिए हनुमानजी की सीता-खोज की घटना इसी क्षेत्र में हुई
  • और उसी वजह से इस अध्याय का नाम रखा गया Sunderkand

सरल शब्दों में कहें तो:
सुंदर पर्वत + अशोक वाटिका में सीता-खोज Sunderkand


घटना के आधार पर कांड का नाम—लेकिन एक ट्विस्ट के साथ!

बाकी कांडों में नामकरण सहज और सीधा है:

  • बालकांड – बचपन
  • अयोध्याकांड – अयोध्या की घटनाएं
  • किष्किंधा कांड – किष्किंधा की कहानी
  • लंका कांड – लंका का युद्ध

लेकिन Sunderkand में twist ये है कि इसमें घटना हनुमानजी की है, पर नाम रखा गया स्थान के नाम पर
यही वजह है कि लोग सोचते हैं कि “सुंदर” किस व्यक्ति का नाम है — जबकि असली जवाब उससे भी सरल है।


Disclaimer (ROZ KI BAAT की शैली में)

इस पूरे आर्टिकल में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, विद्वानों, रामायण के विभिन्न संस्करणों और परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है।
ROZ KI BAAT सिर्फ इन जानकारियों को आपके तक पहुँचाने का माध्यम है।
इस कंटेंट को सूचना के रूप में ही देखें।

FAQs

Q1. Sunderkand में ‘सुंदर’ किसका नाम है?
सुंदर किसी व्यक्ति का नाम नहीं है। लंका के त्रिकूट पर्वत का एक हिस्सा ‘सुंदर पर्वत’ कहलाता था। अशोक वाटिका उसी पर थी, इसलिए इस कांड का नाम Sunderkand पड़ा।

Q2. Sunderkand रामचरित मानस का कौन-सा कांड है?
Sunderkand, रामचरित मानस का पाँचवां कांड है जिसमें हनुमानजी द्वारा माता सीता की खोज का वर्णन है।

Q3. Sunderkand को सबसे पवित्र क्यों माना जाता है?
क्योंकि इसमें हनुमानजी की भक्ति, शक्ति और बुद्धि का अनोखा संगम मिलता है। इसका पाठ संकट दूर करने वाला माना जाता है।

Q4. क्या Sunderkand और वाल्मीकि रामायण का मतलब एक जैसा है?
हाँ, लेकिन नाम का कारण वाल्मीकि रामायण में स्पष्ट बताया गया है कि सबसे बड़ी घटना सुंदर पर्वत पर हुई थी।

Q5. क्या Sunderkand रोज पढ़ना अच्छा होता है?
हाँ, कहा जाता है कि रोज या नियमित रूप से सुंदरकांड पढ़ने से मन शांत होता है और नकारात्मकता दूर होती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top