Somvati Amavasya 2026 हिंदू धर्म में विशेष पुण्यदायी मानी जा रही है। अमावस्या तिथि वैसे ही पितृ तर्पण, दान और स्नान के लिए शुभ होती है, लेकिन जब यही तिथि सोमवार के दिन पड़ती है तो इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर किए गए स्नान-दान और पूजा से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर साल श्रद्धालु Somvati Amavasya 2026 की तिथि जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।
धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि सोमवती अमावस्या साल में केवल 2 या 3 बार ही आती है। ऐसे में जब यह संयोग अधिक मास में बनता है, तब इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं Somvati Amavasya 2026 की सही तिथि, इसका धार्मिक महत्व, शुभ योग और इस दिन क्या करना चाहिए।

2026 की पहली सोमवती अमावस्या कब है?
पंचांग के अनुसार Somvati Amavasya 2026 का पहला संयोग 15 जून 2026, सोमवार को बन रहा है। यह अमावस्या ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रही है, जो इसे और भी विशेष बना रही है। अधिक मास हर तीन साल में एक बार आता है और इसी कारण इस दौरान आने वाली अमावस्या अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।
धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो अधिक मास में पड़ने वाली Somvati Amavasya 2026 कई दशकों में एक बार ही आती है। यही वजह है कि ज्योतिषाचार्य इस अमावस्या को विशेष फलदायी मान रहे हैं।
Somvati Amavasya 2026 का धार्मिक महत्व
धर्म शास्त्रों के अनुसार अमावस्या तिथि के स्वामी पितृगण माने गए हैं। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने की परंपरा है। जब अमावस्या सोमवार के दिन आती है, तब भगवान शिव और चंद्र देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसलिए Somvati Amavasya 2026 पर शिव पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा।
मान्यता है कि Somvati Amavasya 2026 पर पवित्र नदी में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।
15 जून को सूर्य बदलेगा राशि
Somvati Amavasya 2026 के दिन एक और बड़ा ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। 15 जून 2026, सोमवार को सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण इसी दिन मिथुन संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा।
इस तरह एक ही दिन Somvati Amavasya 2026 और मिथुन संक्रांति का संयोग बनने से इस दिन स्नान और दान करने का फल दोगुना माना जा रहा है। धर्म ग्रंथों के अनुसार संक्रांति के दिन किया गया दान अक्षय फल देता है।
हिंदू कैलेंडर में 12 नहीं, 13 अमावस्या
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सामान्य रूप से एक साल में 12 अमावस्या होती हैं, लेकिन विक्रम संवत 2083 में 13 अमावस्या का संयोग बन रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ष ज्येष्ठ मास का अधिक मास रहेगा।
सबसे खास बात यह है कि इसी अधिक मास में Somvati Amavasya 2026 का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कई दशकों में एक बार ही अधिक मास में सोमवती अमावस्या आती है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
Somvati Amavasya 2026 पर क्या करें?
Somvati Amavasya 2026 के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है—
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करें
- स्नान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें
- शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें
- पितरों के लिए तर्पण और दान अवश्य करें
- गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें
- व्रत रखने वाली महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा करें और 108 परिक्रमा करें
इन उपायों से Somvati Amavasya 2026 का पूर्ण पुण्य फल प्राप्त होता है।
Somvati Amavasya 2026 का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार सोमवार चंद्र देव का दिन होता है और अमावस्या भी चंद्रमा से ही जुड़ी तिथि है। ऐसे में Somvati Amavasya 2026 पर चंद्र और शिव तत्व दोनों की विशेष कृपा मानी जाती है। इस दिन किए गए उपाय मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और आर्थिक उन्नति प्रदान करते हैं।
ROZ KI BAAT की सलाह
ROZ KI BAAT के अनुसार, Somvati Amavasya 2026 केवल एक तिथि नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और पितृ ऋण से मुक्ति का अवसर है। इस दिन श्रद्धा और नियम से पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
Disclaimer
इस लेख में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, ज्योतिषियों और पंचांग पर आधारित है। ROZ KI BAAT केवल जानकारी प्रदान करने का माध्यम है। पाठक किसी भी धार्मिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
FAQs
Q1. Somvati Amavasya 2026 कब है?
👉 Somvati Amavasya 2026 साल की पहली बार 15 जून 2026, सोमवार को पड़ेगी। यह अमावस्या ज्येष्ठ अधिक मास में होने के कारण अत्यंत शुभ मानी जा रही है।
Q2. Somvati Amavasya 2026 का धार्मिक महत्व क्या है?
👉 Somvati Amavasya 2026 पर स्नान, दान और पितृ तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भगवान शिव और चंद्र देव की विशेष पूजा की जाती है।
Q3. क्या Somvati Amavasya 2026 पर व्रत रखना चाहिए?
👉 हां, विवाहित महिलाएं Somvati Amavasya 2026 पर व्रत रखती हैं ताकि पति की लंबी आयु और पारिवारिक सुख बना रहे। व्रत के साथ पीपल पूजन का विशेष महत्व है।
Q4. Somvati Amavasya 2026 पर कौन-से शुभ योग बन रहे हैं?
👉 Somvati Amavasya 2026 के दिन सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश होगा, जिससे मिथुन संक्रांति का संयोग बनेगा। यह योग इस अमावस्या को और भी पुण्यदायी बनाता है।
Q5. Somvati Amavasya 2026 पर क्या दान करना शुभ माना जाता है?
👉 Somvati Amavasya 2026 पर अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, जल और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे पितृ दोष से मुक्ति और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।