Somnath Temple Facts: सोमनाथ मंदिर से जुड़े 5 रोचक तथ्य, जिन्हें जान आप भी कहेंगे ‘OMG’

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में सोमनाथ मंदिर का स्थान अत्यंत विशेष है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में अरब सागर के किनारे स्थित यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि साहस, पुनर्निर्माण और स्वाभिमान का भी प्रतीक माना जाता है। Somnath Temple Facts हमें बताते हैं कि कैसे यह मंदिर बार-बार टूटने के बावजूद फिर खड़ा हुआ और आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ पूजित है। ROZ KI BAAT के इस विशेष लेख में हम आपको सोमनाथ मंदिर से जुड़े ऐसे 5 रोचक तथ्य बता रहे हैं, जिन्हें जानकर आप सच में “OMG” कह उठेंगे।

Somnath Temple Facts
Somnath Temple Facts: सोमनाथ मंदिर से जुड़े 5 रोचक तथ्य, जिन्हें जान आप भी कहेंगे ‘OMG’

सोमनाथ: पहला ज्योतिर्लिंग और अद्भुत इतिहास

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार भारत में कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिनमें सबसे पहला स्थान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को प्राप्त है। Somnath Temple Facts के अनुसार इसका उल्लेख शिवपुराण, स्कंदपुराण और अन्य ग्रंथों में मिलता है। यह मंदिर हजारों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है।

इतिहासकारों के अनुसार, सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रांताओं ने कई बार लूटा और ध्वस्त किया, फिर भी हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यही कारण है कि यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।


1. किसने की सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना?

शिवपुराण के अनुसार चंद्रदेव को उनके ससुर दक्ष प्रजापति ने क्षय रोग का श्राप दे दिया था। इस श्राप से मुक्त होने के लिए चंद्रदेव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की और शिवलिंग की स्थापना की। महादेव की कृपा से चंद्रदेव रोगमुक्त हुए। चंद्रमा का एक नाम ‘सोम’ भी है, इसलिए इस शिवलिंग को सोमनाथ कहा गया। Somnath Temple Facts में इस कथा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यही इसे संसार का पहला ज्योतिर्लिंग सिद्ध करती है।


2. समुद्र नहीं लांघता अपनी मर्यादा

सोमनाथ मंदिर अरब सागर के बिल्कुल किनारे स्थित है। इसके बावजूद आज तक समुद्र का जल कभी मंदिर के गर्भगृह तक नहीं पहुंचा। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इसे महादेव का चमत्कार मानते हैं। Somnath Temple Facts के अनुसार विद्वानों का मानना है कि भगवान शिव की कृपा से समुद्र अपनी सीमा कभी पार नहीं करता। यह तथ्य आज भी वैज्ञानिकों और आस्थावानों दोनों के लिए रहस्य बना हुआ है।


3. दक्षिण दिशा में 6000 किमी तक नहीं है कोई भूमि

सोमनाथ मंदिर परिसर में एक विशेष स्तंभ है जिसे ‘बाण स्तंभ’ कहा जाता है। इस पर संस्कृत और अंग्रेज़ी में लिखा है कि इस बिंदु से लेकर दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में कोई भी भू-भाग नहीं है। आधुनिक भूगोल भी इस तथ्य की पुष्टि करता है। Somnath Temple Facts का यह पहलू मंदिर को और भी रहस्यमयी और अद्भुत बनाता है।


4. मंदिर के द्वारों को लेकर मतभेद

कहते हैं कि 1026 ईस्वी में जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया, तो वह मंदिर के चंदन के द्वार अपने साथ गजनी ले गया। बाद में 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयासों से इन्हें भारत वापस लाया गया। हालांकि कुछ इतिहासकार इस बात से सहमत नहीं हैं। Somnath Temple Facts में यह विषय आज भी विवाद और शोध का केंद्र बना हुआ है।


5. 7 बार या 17 बार—कितनी बार टूटा सोमनाथ मंदिर?

सोमनाथ मंदिर के ध्वंस को लेकर भी इतिहासकारों में मतभेद हैं। कुछ का मानना है कि यह मंदिर 7 बार तोड़ा गया, जबकि अन्य के अनुसार 17 बार इस पर आक्रमण हुआ। पहली बार 725 ईस्वी में सिंध के शासक अल जुनैद ने इस मंदिर को ध्वस्त किया था। Somnath Temple Facts यह स्पष्ट करते हैं कि चाहे जितनी बार भी मंदिर टूटा हो, हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ।


सोमनाथ मंदिर और आधुनिक भारत

वर्तमान सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत में 1951 में हुआ था। इसकी प्राण प्रतिष्ठा को अब 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं, जिसे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर को ऐतिहासिक बताया। Somnath Temple Facts हमें यह सिखाते हैं कि आस्था और आत्मसम्मान के आगे कोई भी बाधा स्थायी नहीं होती।


निष्कर्ष

सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, इतिहास और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके चमत्कार, रहस्य और संघर्ष की गाथाएं इसे अद्वितीय बनाती हैं। Somnath Temple Facts यह सिद्ध करते हैं कि आस्था को न तो तोड़ा जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है। ऐसी ही रोचक और विश्वसनीय जानकारी के लिए पढ़ते रहें ROZ KI BAAT


Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी धर्मग्रंथों, विद्वानों और ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित है। ROZ KI BAAT केवल सूचना प्रदान करने का माध्यम है। पाठक किसी भी निर्णय से पहले स्वयं विवेक का प्रयोग करें।

Somnath Temple Facts

Q1. सोमनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
सोमनाथ मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में, अरब सागर के तट पर स्थित है। यह स्थान प्रभास पाटन के नाम से भी जाना जाता है।

Q2. सोमनाथ मंदिर को पहला ज्योतिर्लिंग क्यों कहा जाता है?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, चंद्रदेव ने भगवान शिव की तपस्या कर यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी कारण इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है।

Q3. सोमनाथ मंदिर कितनी बार तोड़ा गया है?
इतिहासकारों में इस पर मतभेद है। कुछ के अनुसार मंदिर 7 बार तोड़ा गया, जबकि कुछ इतिहासकार मानते हैं कि 17 बार विदेशी आक्रांताओं ने इसे ध्वस्त किया।

Q4. क्या सच में समुद्र का पानी सोमनाथ मंदिर तक नहीं पहुंचता?
हां, यह एक प्रसिद्ध मान्यता है कि मंदिर समुद्र के बेहद पास होने के बावजूद आज तक समुद्र का पानी गर्भगृह तक नहीं पहुंचा, जिसे लोग भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं।

Q5. सोमनाथ मंदिर के बाण स्तंभ का क्या महत्व है?
बाण स्तंभ पर लिखा है कि इस स्थान से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में कोई भूमि नहीं है। भौगोलिक रूप से यह तथ्य काफी हद तक सही भी माना जाता है।

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