Premanand Maharaj: सास-बहू में कैसे खत्म हो विवाद? जानें 5 रोचक सवाल और उनके जवाब

Premanand Maharaj देशभर में अपने सरल, सहज और ज्ञानपूर्ण प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं। वृंदावन स्थित आश्रम में रोज़ हज़ारों लोग उनसे मिलने आते हैं और अपने जीवन से जुड़े प्रश्न पूछते हैं। लोग मानते हैं कि Premanand Maharaj न केवल आध्यात्मिक ज्ञान देते हैं, बल्कि जीवन प्रबंधन यानी Life Management के बेहतरीन सूत्र भी बताते हैं, जिन्हें अपनाने से परिवार में सामंजस्य बढ़ता है, मन शांत रहता है और कई समस्याएं स्वतः ही दूर हो जाती हैं।

आज हम आपके लिए लेकर आए हैं—सास-बहू विवाद, प्रेम विवाह, ब्याज पर पैसा देने, वैवाहिक जीवन की समस्याओं और कर्म-फल जैसे 5 महत्वपूर्ण सवाल जिनके जवाब Premanand Maharaj ने बेहद सरल तरीके से दिए। ROZ KI BAAT की इस खास प्रस्तुति में जानें कैसे इन सूत्रों को अपनाकर आप भी अपने जीवन में शांति और सुख ला सकते हैं।

Premanand Maharaj
Premanand Maharaj: सास-बहू में कैसे खत्म हो विवाद? जानें 5 रोचक सवाल और उनके जवाब

सास-बहू में रोज झगड़ा हो तो क्या करें?

ये समस्या लगभग हर घर में देखने को मिल जाती है। इस पर Premanand Maharaj का बेहद गहरा और व्यवहारिक उत्तर है—

“जहाँ रोज़ विवाद होता है, वहाँ लक्ष्मी नहीं टिकतीं। परिवार में शांति चाहिए तो सास और बहू दोनों को एक-दूसरे का सम्मान करना होगा।”

सास के लिए क्या सलाह?

  • बहू के साथ गलत व्यवहार न करें।
  • उसे अपनी बेटी जैसा अपनाएं।
  • समय और सुधार की गुंजाइश दें।

बहू के लिए क्या सलाह?

  • सास-ससुर को अपने माता-पिता जैसा मानें।
  • परिवार में प्रेम और सम्मान का भाव रखें।

Premanand Maharaj कहते हैं कि एक-दूसरे को समझने और सहन करने से घर में शांति और खुशहाली आती है। यह सूत्र परिवार को टूटने से बचाता है।


प्रेम विवाह में जन्म कुंडली न मिले तो क्या करें?

यह प्रश्न आज की पीढ़ी में बहुत आम है।

इस पर Premanand Maharaj कहते हैं—

“यदि लड़का-लड़की एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और परिवार भी विवाह के लिए तैयार है, परंतु कुंडली नहीं मिल रही—तो भगवान को साक्षी मानकर विवाह कर लें। भगवान स्वयं सभी अड़चनों को दूर कर देते हैं।”

उपाय क्या है?

  • विवाह के बाद पति-पत्नी साथ में भगवान का नाम जप करें।
  • एक-दूसरे के प्रति समर्पित और विश्वासपूर्ण रहें।

Premanand Maharaj बताते हैं कि जिन रिश्तों में सच्चाई और प्रेम होता है, उनमें ग्रह-नक्षत्र भी अनुकूल हो जाते हैं।


ब्याज पर पैसा देना सही है या गलत?

धन-लेनदेन को लेकर अक्सर लोग उलझन में रहते हैं। इस पर Premanand Maharaj का संतुलित और न्यायपूर्ण उत्तर है—

“ब्याज पर पैसा देना गलत नहीं, पर किसी का शोषण करना बड़ा पाप है।”

उनकी सलाह:

  • ब्याज का काम करें तो सरकारी नियमों के अनुसार करें।
  • किसी अत्यंत गरीब या असमर्थ व्यक्ति पर दबाव न डालें।
  • यदि कोई ब्याज देने में असमर्थ है तो केवल मूलधन वापस लें।

यह सूत्र समाज में संतुलन, न्याय और सद्भाव बनाए रखता है।


पति में अत्यधिक कामवासना हो तो क्या करे महिला?

यह एक अत्यंत निजी और संवेदनशील प्रश्न है जिसे एक महिला ने प्रेमानंद महाराज से पूछा।

उन्होंने उत्तर दिया

“पति-पत्नी का संबंध प्रेम और संतुलन पर आधारित है। पत्नी को पति की इच्छा के अनुकूल भी चलना चाहिए, और यदि मन न हो तो प्रेम से समझाना चाहिए।”

महाराज की सलाह:

  • पति-पत्नी बातचीत से समाधान निकालें।
  • अगर पति न माने, तो पत्नी को भी संबंधों में सामंजस्य रखना चाहिए।
  • गलत मार्ग पर जाने से रोकना दोनों की जिम्मेदारी है।

उनका मानना है कि पति-पत्नी को एक-दूसरे की आवश्यकताओं को समझकर चलना चाहिए।


क्या माता-पिता के कर्मों का फल संतान को मिलता है?

यह प्रश्न बहुत गूढ़ है और सदियों से चर्चा में रहा है।

इस पर Premanand Maharaj का स्पष्ट उत्तर है—

“हर व्यक्ति अपने कर्म और पूर्व-जन्म कर्मों के आधार पर सुख-दुख भोगता है। माता-पिता के कर्मों का फल संतान को भोगना आवश्यक नहीं।”

गहरी बात:

  • माता-पिता को संतान उनके पिछले जन्मों के कर्मों से मिलती है।
  • संतान को भी माता-पिता पूर्व जन्म के कर्मों के अनुसार मिलते हैं।

कर्म सिद्धांत पूरी तरह व्यक्तिगत है, किसी पर थोपा हुआ नहीं।


Premanand Maharaj के Life Management सूत्रों से क्या सीख मिलती है?

  • परिवार में सम्मान और धैर्य रखना जरूरी है।
  • रिश्तों में संवाद बेहद महत्वपूर्ण है।
  • धन के लेन-देन में न्याय और सहानुभूति रखें।
  • वैवाहिक जीवन में संतुलन और प्रेम आवश्यक है।
  • कर्मों का फल हर व्यक्ति को स्वयं भुगतना होता है।

इन 5 सवालों के जवाब बताते हैं कि Premanand Maharaj न केवल आध्यात्मिक गुरु हैं, बल्कि जीवन के हर आयाम को सरल भाषा में समझाने वाले महान संत भी हैं।


निष्कर्ष

यदि हम Premanand Maharaj द्वारा बताए गए इन सरल जीवन सूत्रों को अपनाएं, तो परिवार में विवाद खत्म हो सकता है, रिश्तों में मिठास बढ़ती है और जीवन अधिक शांत व सुखमय बन जाता है।
मन में शांति चाहिए तो आस्था और धैर्य को अपनाना ही सबसे बड़ा उपाय है।

FAQ – Premanand Maharaj | सास-बहू विवाद समाधान

1. Premanand Maharaj सास-बहू के विवाद को खत्म करने के लिए क्या सलाह देते हैं?

Premanand Maharaj बताते हैं कि सास और बहू दोनों को अहंकार छोड़कर प्रेम, धैर्य और समझदारी से संबंध निभाना चाहिए। एक-दूसरे की बात सुनने से विवाद काफी हद तक खत्म हो जाते हैं।


2. क्या Premanand Maharaj के अनुसार संवाद (Communication) सास-बहू संबंधों में जरूरी है?

हाँ, महाराज जी का मानना है कि सास-बहू के बीच खुलकर बात करना ही रिश्ते को मजबूत करता है। मन में बात दबाने से गलतफहमियाँ बढ़ती हैं।


3. सास-बहू के झगड़े बढ़ जाएँ तो Premanand Maharaj कौन-सा उपाय बताते हैं?

महाराज जी कहते हैं कि घर में रोज सुबह शांति पाठ या राम नाम का जाप करने से माहौल सकारात्मक होता है और आपसी कड़वाहट कम होने लगती है।


4. Premanand Maharaj के अनुसार बहू को कैसा व्यवहार रखना चाहिए?

बहू को सम्मान, संस्कार और धैर्य के साथ घर के बुजुर्गों के प्रति आदर दिखाना चाहिए। उनका कहना है कि प्यार से दिया गया सम्मान रिश्ते में मिठास घोल देता है।


5. क्या Premanand Maharaj बताते हैं कि सास को भी बदलाव लाना चाहिए?

हाँ, महाराज जी कहते हैं कि सास को बहू को बेटी जैसा अपनाना चाहिए। प्यार, विश्वास और थोड़ा सा सहयोग रिश्ते को मजबूत बनाता है और विवाद खत्म करता है।

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