पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी मनाई जाती है। इस बार यह तिथि 29 अक्टूबर 2025, बुधवार को रहेगी।
- अष्टमी तिथि की शुरुआत: 29 अक्टूबर सुबह 09:23 बजे
- अष्टमी तिथि का समापन: 30 अक्टूबर सुबह 10:06 बजे
चूंकि 29 अक्टूबर को अष्टमी तिथि पूरे दिन रहेगी, इसलिए Gopashtami 2025 का पर्व 29 अक्टूबर (बुधवार) को ही मनाया जाएगा।

Gopashtami 2025 Shubh Muhurat – पूजा का शुभ समय
गोपाष्टमी के दिन पूजा और गौसेवा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। शुभ मुहूर्त इस प्रकार है
- सुबह 07:58 से 09:22 तक
- सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 तक
- दोपहर 02:58 से शाम 04:22 तक
- शाम 04:22 से 05:46 तक
इन मुहूर्तों में गौमाता की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
गोपाष्टमी क्यों मनाई जाती है? (Significance of Gopashtami)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण छोटे थे, तो उन्होंने देखा कि उनके साथी गोपाल गायों को चराने जाते हैं। तब उन्होंने भी माता यशोदा से जंगल जाने की इच्छा जताई।
माता यशोदा ने शुभ मुहूर्त निकलवाकर कान्हा से पहले गायों की पूजा करवाई और फिर उन्हें गाय चराने भेजा।
वही दिन कार्तिक शुक्ल अष्टमी तिथि थी। तभी से इस तिथि को गोपाष्टमी के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को गोपाल रूप में पूजना शुभ माना गया है। साथ ही, गौमाता और उनके बछड़ों को फूल, हल्दी, सिंदूर, गुड़ और घास चढ़ाकर पूजा की जाती है।
Gopashtami 2025 Puja Vidhi – पूजा विधि
- सबसे पहले सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- गौमाता और बछड़ों को स्नान कराएं, हल्दी-सिंदूर से तिलक लगाएं।
- गाय के चरणों में फूल, अक्षत, और मिठाई अर्पित करें।
- “गावो में माता” मंत्र का जाप करें और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें।
- गौमाता को घास, गुड़, रोटी और फल खिलाएं।
- शाम के समय दीपदान करें और गोपाष्टमी आरती करें।
Gopashtami Aarti – गोमाता की आरती
जय गौ माता, जय गौ माता,
सबकी भाग्य विधाता।
तुमसे ही धरती शोभित होती,
तुमसे ही जीवन प्यारा।
इस आरती के साथ गौमाता से घर-परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की जाती है।
गोपाष्टमी पर क्या करें और क्या न करें
इस दिन गौमाता की सेवा करें, गोदान करें, गौशाला जाएं।
गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
मांस, मद्यपान, और तामसिक भोजन से बचें।
किसी जानवर या गौमाता को कष्ट न पहुंचाएं।
Gopashtami 2025 का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में ऐसा कहा गया है कि “जहां गौमाता का वास होता है, वहां भगवान विष्णु स्वयं निवास करते हैं।”
गोपाष्टमी के दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से गौमाता की सेवा करता है, उसके जीवन से दुखों का अंत होता है और घर में समृद्धि का वास होता है।
गोपाष्टमी पर मंत्र (Gopashtami Mantra)
“गावो विश्वस्य मातरः”
अर्थ: गौमाता सम्पूर्ण विश्व की माता हैं, जो हमें जीवन और पोषण प्रदान करती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
गोपाष्टमी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, धर्म और करुणा का प्रतीक है। Gopashtami 2025 पर अगर हम सच्चे मन से गौमाता की पूजा करें और उनकी सेवा करें, तो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गौमाता दोनों की आराधना करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
5 FAQs – Gopashtami 2025 से जुड़े आम सवाल
Q1. Gopashtami 2025 कब है?
👉 इस साल गोपाष्टमी 29 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को मनाई जाएगी।
Q2. गोपाष्टमी का शुभ मुहूर्त क्या है?
👉 सुबह 07:58 से 09:22 और दोपहर 10:46 से 12:10 का समय सबसे शुभ रहेगा।
Q3. गोपाष्टमी पर क्या करना चाहिए?
👉 गौमाता की पूजा करें, उन्हें गुड़, रोटी, और हरी घास खिलाएं, और शाम को दीपदान करें।
Q4. गोपाष्टमी क्यों मनाते हैं?
👉 इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पहली बार गाय चराई थी, इसलिए इसे गोपाष्टमी कहा जाता है।
Q5. गोपाष्टमी पर कौन-से मंत्र का जाप करें?
👉 “गावो विश्वस्य मातरः” मंत्र का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।