दिवाली खुशियों, रौशनी और अपनेपन का त्योहार है। जब चारों ओर दीपों की झिलमिलाहट होती है तो मन अपने आप प्रसन्न हो जाता है। लेकिन कई बार यही खुशी किसी बड़ी मुसीबत में भी बदल जाती है, जब हम थोड़ा-सा भी ध्यान नहीं रखते।
Diwali 2025 आने वाली है और इस बार हमें सिर्फ अपने घर को नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा को भी रोशन करना है।

दिवाली कब है?
Diwali 2025 इस बार 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। कार्तिक अमावस्या की रात लक्ष्मी-गणेश पूजा का दिन है। इस दिन मां लक्ष्मी घर-घर आती हैं, इसलिए हर कोई अपने घर को दीपों और लाइटों से सजाता है।
पर याद रखिए — असली रौशनी वही है, जो बिना किसी नुकसान के जले।
आंखों की सुरक्षा क्यों जरूरी है?
दिवाली पर सबसे ज़्यादा हादसे पटाखों से होते हैं। एक छोटी सी चिंगारी अगर आंख में चली जाए तो जिंदगी भर का अंधेरा दे सकती है। कई बार बच्चे या बड़े पटाखा जलाते वक्त इतना उत्साहित हो जाते हैं कि सुरक्षा का ख्याल ही नहीं रखते।
और यहीं से शुरू होती है मुश्किल। इसलिए इस बार Diwali 2025 पर थोड़ा संभलकर खुशियां मनाएं।
आंखों को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
- सेफ्टी ग्लास पहनें: आंखें बहुत नाजुक होती हैं, इसलिए इन्हें कवर करना ज़रूरी है।
- दूरी बनाकर पटाखे जलाएं: पास जाकर जलाना सबसे बड़ी गलती है।
- कभी झुककर आग न लगाएं: इससे चिंगारी चेहरे की तरफ आती है।
- खुले मैदान या छत पर ही पटाखे फोड़ें: बंद जगह में हादसे ज्यादा होते हैं।
- धुएं से बचें: ये आंखों और सांस दोनों के लिए खतरनाक है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
- पटाखा फूटे नहीं तो उसे दोबारा हाथ न लगाएं।
- बच्चों को अकेले पटाखे न फोड़ने दें।
- पुराने या गीले पटाखे बिल्कुल न जलाएं।
- सिंथेटिक कपड़े न पहनें, सूती कपड़े ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।
जरूरी सेफ्टी स्टेप्स
- घर में पानी और बाल्टी पास रखें।
- अगर जल जाएं तो तुरंत ठंडे पानी से धोएं।
- फर्स्ट एड बॉक्स पास रखें।
- किसी के जलने पर घरेलू उपाय की बजाय डॉक्टर को दिखाएं।
इको-फ्रेंडली दिवाली मनाएं
आज के समय में सबसे जरूरी है कि हम पर्यावरण का भी ध्यान रखें।
इस बार Diwali 2025 पर कोशिश करें कि ग्रीन पटाखे इस्तेमाल करें या फिर बिना पटाखों वाली दिवाली मनाएं।
मिट्टी के दीए जलाइए, फूलों से घर सजाइए, बच्चों के साथ खुशियां बांटिए — असली दिवाली तो वही है जिसमें किसी को नुकसान न पहुंचे।
🌟 सुरक्षा में ही सच्ची खुशी है
दिवाली सिर्फ रोशनी और पटाखों का त्योहार नहीं है, ये अपने और अपनों की खुशी का त्योहार है।
तो क्यों न इस बार Diwali 2025 को थोड़ा अलग, थोड़ा सुरक्षित बनाया जाए।
थोड़ी सावधानी, थोड़ा ध्यान और ढेर सारी मुस्कानें — यही असली दिवाली है।
“खुशियां तभी खूबसूरत लगती हैं जब सब सुरक्षित हों।”