Dev Deepawali: काशी में जगमगाएंगे घाट, जानिए क्या हैं खास तैयारियां

काशी में इस बार की Dev Deepawali बेहद खास रहने वाली है। हर साल की तरह इस बार भी पूरा बनारस दीपों की रौशनी से नहाएगा। गंगा किनारे बसे घाटों पर लाखों दीपों का संगम होगा, जो दिव्यता और भक्ति का अद्भुत नज़ारा पेश करेगा। इस मौके पर घाटों की सजावट, विशेष गंगा आरती, लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी की तैयारी जोरों पर है।

काशी में देव दीपावली का आयोजन

देव दीपावली काशी का सबसे पवित्र और आकर्षक पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता स्वयं काशी आते हैं और गंगा तट पर दीप जलाते हैं। इस बार काशी में देव दीपावली के आयोजन को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों में खास उत्साह है। सभी घाटों को थीम आधारित सजावट से सजाया जा रहा है, जिसमें “नारी सशक्तिकरण” का संदेश प्रमुख रहेगा।

दशाश्वमेध, नमो, शीतला और अस्सी घाट पर इस अवसर पर विशेष गंगा आरती का आयोजन होगा। शाम के समय आरती के दौरान जब गंगा किनारे हज़ारों दीप एक साथ जलेंगे, तो वो दृश्य हर किसी के दिल को छू जाएगा।

Dev Deepawali
Dev Deepawali: काशी में जगमगाएंगे घाट, जानिए क्या हैं खास तैयारियां

चेत सिंह घाट पर लेजर शो

इस बार देव दीपावली पर सबसे खास आकर्षण चेत सिंह घाट पर होने वाला लेजर शो रहेगा। तीन चरणों में चलने वाला यह शो काशी की पौराणिकता, अध्यात्म और संस्कृति को प्रकाश, ध्वनि और 3D इफेक्ट्स के ज़रिए जीवंत रूप में दिखाएगा।

  • पहला शो: शाम 6:15 से 6:45 बजे तक
  • दूसरा शो: 7:15 से 7:45 बजे तक
  • तीसरा शो: 8:15 से 8:45 बजे तक

ये शो न सिर्फ़ दर्शकों को मनोरंजन देगा बल्कि उन्हें काशी की गहराई और अध्यात्म से भी जोड़ देगा।

ललिता घाट पर ग्रीन आतिशबाजी

ललिता घाट के सामने इस बार पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ध्यान में रखते हुए ग्रीन आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। यह आतिशबाजी रात 8:00 से 8:15 बजे तक चलेगी। रंग-बिरंगी रोशनी के साथ गंगा तट पर हरियाली और स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, इस कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5:15 से 5:50 बजे तक दीप प्रज्ज्वलन से होगी। इसके बाद ग्रीन आतिशबाजी इस वर्ष का मुख्य आकर्षण होगी, जो “हरित काशी” और “स्वच्छ भारत” का संदेश देगी।

नारी सशक्तिकरण पर आधारित सजावट

इस वर्ष देव दीपावली की थीम नारी सशक्तिकरण रखी गई है। घाटों पर सजावट में महिलाओं की भूमिका, शक्ति और सम्मान को प्रमुखता दी जाएगी। साथ ही, घाटों पर लगाए जाने वाले झांकियों और दीयों से भी यही संदेश प्रसारित होगा कि समाज में नारी ही असली ऊर्जा और सृजन की प्रतीक है।

दशाश्वमेध घाट पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक

दशाश्वमेध और राजघाट पर इस बार विशेष कार्यक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक दिखाई जाएगी। यह प्रदर्शन भारतीय सेना के साहस और देशभक्ति को समर्पित होगा। इसकी प्रस्तुति घाटों के बीच लाइट और साउंड इफेक्ट्स के साथ दिखाई जाएगी, जिससे लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत होगी।

गंगा तट पर दीपों का संगम

देव दीपावली के दिन जब गंगा किनारे लाखों दीप जलाए जाते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे धरती पर सितारे उतर आए हों। यह नज़ारा हर भक्त को भक्ति और आनंद से भर देता है। लोग सुबह से ही गंगा स्नान करते हैं, फिर अपने घरों और घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित करते हैं। कई भक्त अपने प्रियजनों के नाम से दीप प्रवाहित करते हैं ताकि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो।

देव दीपावली का महत्व

देव दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि काशी की आत्मा है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था, इसलिए देवता काशी में आकर दीप जलाते हैं। इस दिन किया गया दीपदान सौभाग्य, समृद्धि और पापों से मुक्ति प्रदान करता है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी काशी जगमगाएगी

काशी में होने वाली Dev Deepawali दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। भारत के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस उत्सव में भाग लेने आते हैं। गंगा किनारे की रौनक, आरती की ध्वनि और दीपों की चमक मिलकर ऐसा वातावरण बनाती है, जो अद्भुत और अविस्मरणीय होता है।

Roz Ki Baat के माध्यम से हम आपको बता दें कि इस बार की देव दीपावली में “हरित काशी” और “नारी शक्ति” जैसे संदेशों को मुख्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।


निष्कर्ष (Conclusion)

Dev Deepawali काशी का ऐसा पर्व है जो भक्ति, संस्कृति और सौंदर्य का संगम है। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि जीवन में प्रकाश, सकारात्मकता और आस्था का प्रतीक है। इस बार जब आप घाटों पर दीपों की जगमगाहट देखें, तो याद रखिए — यह सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि ईश्वर और मानव के बीच की वह कड़ी है जो अंधकार से उजाले की ओर ले जाती है।

Roz Ki Baat आपको काशी की इस दिव्य परंपरा की हर झलक दिखाता रहेगा।

FAQs (Dev Deepawali)

Q1. Dev Deepawali कब मनाई जाती है?
A. Dev Deepawali कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, यानी दीपावली के 15 दिन बाद।

Q2. देव दीपावली का क्या महत्व है?
A. मान्यता है कि इस दिन देवता स्वयं काशी में आकर गंगा तट पर दीप जलाते हैं। यह भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर वध की स्मृति में मनाया जाता है।

Q3. इस बार काशी में देव दीपावली की खासियत क्या है?
A. इस बार घाटों पर नारी सशक्तिकरण की थीम पर सजावट की जाएगी, चेत सिंह घाट पर लेजर शो और ललिता घाट पर ग्रीन आतिशबाजी होगी।

Q4. देव दीपावली के मौके पर कौन से घाट सबसे प्रसिद्ध हैं?
A. दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, शीतला घाट, नमो घाट और राजघाट इस अवसर पर सबसे अधिक भीड़ वाले घाट होते हैं।

Q5. देव दीपावली देखने का सही समय क्या है?
A. शाम के समय 5 बजे से लेकर रात 9 बजे तक घाटों पर दीप जलाए जाते हैं और गंगा आरती का आयोजन होता है।

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