Saphala Ekadashi 2025: कब है सफला एकादशी, 14 या 15 दिसंबर? नोट करें सही डेट


दिसंबर 2025 में आने वाली Saphala Ekadashi 2025 को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि सफला एकादशी का व्रत 14 दिसंबर को करें या 15 दिसंबर को। एकादशी व्रत में तिथि का खास महत्व होता है। ऐसे में सही डेट जानना जरूरी है। आगे जानिए Saphala Ekadashi 2025 की सही डेट, व्रत का महत्व और पारण का समय।

Saphala Ekadashi 2025
Saphala Ekadashi 2025: कब है सफला एकादशी, 14 या 15 दिसंबर? नोट करें सही डेट

Saphala Ekadashi 2025: एकादशी तिथि का महत्व

धर्म ग्रंथों में एकादशी तिथि को बहुत खास बताया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने 2 एकादशी आती हैं। इस तरह पूरे साल में कुल 24 एकादशी व्रत होते हैं। अधिक मास पड़ने पर इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है।
हर एकादशी का अलग नाम और अलग फल होता है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। इस बार यह एकादशी दिसंबर 2025 में पड़ रही है। इसी वजह से Saphala Ekadashi 2025 को लेकर डेट को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

कब है सफला एकादशी 2025?

पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि
14 दिसंबर 2025, रविवार की शाम 06 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी
और 15 दिसंबर 2025, सोमवार की रात 09 बजकर 20 मिनट तक रहेगी।

इस तरह Saphala Ekadashi 2025 की तिथि दो दिन पड़ रही है। इसी कारण लोग पूछ रहे हैं कि व्रत किस दिन किया जाए।

14 या 15 दिसंबर, कब रखें व्रत?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार,
एकादशी व्रत उसी दिन किया जाता है, जिस दिन एकादशी तिथि का सूर्योदय होता है।
चूंकि Saphala Ekadashi 2025 की एकादशी तिथि का सूर्योदय 15 दिसंबर 2025, सोमवार को हो रहा है, इसलिए इसी दिन सफला एकादशी का व्रत किया जाएगा
यही शास्त्रीय नियम भी माना गया है।

सफला एकादशी का महत्व

सफला एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया था। उनके अनुसार, जो व्यक्ति Saphala Ekadashi 2025 का व्रत विधि-विधान से करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस एकादशी के व्रत से भगवान विष्णु को जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। यह व्रत जीवन में सफलता और सुख-समृद्धि देता है।

धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि
जिस तरह नागों में शेषनाग, ग्रहों में सूर्य और चंद्र, यज्ञों में अश्वमेध यज्ञ और देवताओं में भगवान विष्णु श्रेष्ठ हैं, उसी तरह व्रतों में सफला एकादशी श्रेष्ठ मानी जाती है।

Saphala Ekadashi 2025 व्रत का फल

मान्यता है कि Saphala Ekadashi 2025 का व्रत करने से व्यक्ति को बड़ा पुण्य मिलता है।
जो पुण्य 5000 साल की तपस्या से मिलता है, वही फल इस एकादशी के उपवास और रात्रि जागरण से प्राप्त होता है।
यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना जाता है, जो नौकरी, व्यापार और जीवन में सफलता की कामना करते हैं।

कब करें सफला एकादशी 2025 का पारण?

सफला एकादशी व्रत का पारण अगले दिन किया जाता है।
पारण की तिथि: 16 दिसंबर 2025, मंगलवार
शुभ मुहूर्त: सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 09 बजकर 11 मिनट तक

इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा अनुसार ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें। फिर स्वयं भोजन करें। ऐसा करने से Saphala Ekadashi 2025 व्रत का पूरा फल मिलता है।

ROZ KI BAAT: क्या रखें ध्यान में

  • व्रत के दिन सात्विक भोजन करें
  • भगवान विष्णु का ध्यान और नाम जप करें
  • क्रोध और नकारात्मक सोच से दूर रहें
  • व्रत नियमों का पालन करें

निष्कर्ष

अगर आप Saphala Ekadashi 2025 का व्रत करना चाहते हैं, तो किसी भी कन्फ्यूजन में न रहें। पंचांग और शास्त्रों के अनुसार 15 दिसंबर 2025, सोमवार को ही सफला एकादशी का व्रत करना सही और शुभ माना गया है।


Disclaimer

इस आर्टिकल में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों से ली गई है। ROZ KI BAAT सिर्फ जानकारी आप तक पहुंचाने का माध्यम है। यूजर्स इन जानकारियों को केवल सूचना ही मानें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top