Hanuman Puja: हनुमानजी को चोला कैसे चढ़ाएं? पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 5 जरूरी बातें

हनुमानजी की भक्ति ऐसी है कि जो सच्चे मन से कर ले, उसका हर काम बन जाता है। खासकर Hanuman Puja में चोला चढ़ाने की परंपरा तो बहुत ही पावन मानी गई है। आप जब भी किसी हनुमानजी की प्रतिमा को देखते हैं, तो उस पर सिंदूर और चमेली के तेल का लेप दिखता है। इसे ही चोला कहते हैं।

आजकल बाबा बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा बताए गए नियम काफी चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह बताते हैं कि Hanuman Puja करते समय हनुमानजी को चोला चढ़ाने में कौन-सी बातें ध्यान रखनी चाहिए।

अगर आप भी हर मंगलवार-शनिवार चोला चढ़ाते हैं, या चढ़ाना चाहते हैं, तो यह पूरी जानकारी आपको बहुत काम आने वाली है। चलिए इसे आपके ही अंदाज़ में आसान भाषा में समझते हैं…

Hanuman Puja
Hanuman Puja: हनुमानजी को चोला कैसे चढ़ाएं? पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 5 जरूरी बातें

हनुमानजी को चोला चढ़ाने का सबसे सही समय क्या है?

देखिए, पूजा-पाठ तभी फल देता है जब सही समय पर किया जाए।
पं. धीरेंद्र शास्त्री बताते हैं कि Hanuman Puja में चोला चढ़ाने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त होता है।

यानी सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच

और सबसे जरूरी बात
मंगलवार
शनिवार
ये दोनों दिन Hanuman Puja के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।

इसलिए कोशिश करें कि चोला इन्हीं दिनों और उसी समय पर चढ़ाएं। इससे हनुमानजी की कृपा और भी जल्दी मिलती है।


चोला चढ़ाते समय कौन-से कपड़े पहनें?

अब यह बात कई लोग हल्के में ले लेते हैं। लेकिन पूजा में शुद्धता बहुत मायने रखती है।
पं. शास्त्री बताते हैं कि Hanuman Puja करते समय चोला चढ़ाने से पहले:

सुबह जल्दी उठकर नहा-धो लें
साफ-सुथरे लाल वस्त्र पहनें
और फिर मंदिर जाएं

ध्यान रखने वाली एक और खास बात
जब आप चोला चढ़ाने जा रहे हों, तो कोशिश करें कि कोई आपको स्पर्श न करे। यह पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए जरूरी है।


चोला चढ़ाने से पहले क्या करना चाहिए?

अब बात आती है पूजा शुरू करने की।
पं. शास्त्री कहते हैं कि चोला चढ़ाने से पहले हनुमानजी से हाथ जोड़कर क्षमा मांगें

कुछ इस तरह—
“हे बजरंगबली! अगर पूजा में मुझसे कोई गलती हो जाए, तो कृपा करके मुझे क्षमा करें।”

इसके बाद:

हनुमानजी के सामने एक दीपक जलाएं
ध्यान रखें कि दीपक पूरा समय जलना चाहिए
फिर श्रद्धा से चोला चढ़ाना शुरू करें

इससे आपकी Hanuman Puja और भी प्रभावी हो जाती है।


किस तेल और सिंदूर से चोला चढ़ाएं?

यह सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है।
पं. शास्त्री स्पष्ट बताते हैं:

पहले प्रतिमा का जल से अभिषेक करें
फिर साफ कपड़े से प्रतिमा को पोछ दें
उसके बाद सिंदूर + चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं

यह पारंपरिक तरीका है और माना जाता है कि इससे हनुमानजी बहुत प्रसन्न होते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि चमेली का तेल शुद्ध होना चाहिए क्योंकि यही हनुमानजी को सर्वाधिक प्रिय माना गया है।


चोला चढ़ाने के बाद क्या करना जरूरी है?

अब यह प्रक्रिया का सबसे प्यारा हिस्सा है—पूजा।
चोला चढ़ाने के बाद:

हनुमानजी को फूलों की माला पहनाएं
पान अर्पित करें
और अपनी श्रद्धा अनुसार भोग लगाएं—गुड़, बूंदी, या मनपसंद प्रसाद

इसके बाद:

हनुमान चालीसा का पाठ करें
या
राम-राम का जाप करें

आपकी इच्छा, आपकी श्रद्धा।
बाबा बागेश्वर कहते हैं कि ऐसा करने से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है और हनुमानजी की कृपा बनी रहती है।


Hanuman Puja क्यों देती है तुरंत फल?

देखिए, Hanuman Puja सिर्फ पूजा नहीं है—ये शक्ति, विश्वास, साहस, और भक्ति का संगम है।
जब आप पूरी साफ नीयत से चोला चढ़ाते हैं, तो:

नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
मन में स्थिरता आती है
कामों में रुकावटें हटती हैं
और हनुमानजी मानसिक शक्ति देते हैं

इसीलिए लोग कहते हैं कि हनुमानजी की उपासना “त्वरित फलदायी” होती है।


ध्यान रहे — (ROZ KI BAAT की तरफ से)

यह सारी जानकारी धर्म ग्रंथों, परंपराओं और विद्वानों से ली गई है।
हम बस यह जानकारी आप तक पहुंचाने का माध्यम हैं।
पूजा में सबसे बड़ा महत्व आपकी श्रद्धा का होता है—बाकी सब उसके बाद।

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