कौन हैं महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज? प्रेमानंद महाराज कदमों में लेटे, पांव पखारा, उतारी आरती
मथुरा-वृंदावन हमेशा से ही संत-परंपरा और भक्ति की धरती रहा है, और हाल ही में यहां से एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने देशभर में भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह वीडियो Mahant Nritya Gopal Das Ji Maharaj Premananda Maharaj News से जुड़ा है, जिसमें संत प्रेमानंद महाराज और महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का मिलन किसी उत्सव से कम नहीं दिखा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज जब वृंदावन के श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, तो संत प्रेमानंद महाराज ने जिस विनम्रता और भक्ति से उनका स्वागत किया, उसने हर किसी का मन छू लिया।

संत प्रेमानंद महाराज का आत्मीय स्वागत: कदमों में दंडवत, पांव पखारा, उतारी आरती
जैसे ही महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज आश्रम पहुंचे, कीर्तन में “राधा-राधा” का नाम गूंज रहा था।
संत प्रेमानंद महाराज को जैसे ही उनके आगमन की सूचना मिली, वे तुरंत अपने सेवादारों के साथ बाहर आए और महंत जी की अगवानी की।
इस दौरान जो दृश्य सामने आया वह किसी आध्यात्मिक लीला से कम नहीं था—
- संत प्रेमानंद महाराज महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के कदमों में दंडवत प्रणाम करते दिखाई दिए।
- इसके बाद वे उन्हें सहारा देकर आश्रम के अंदर ले गए।
- जमीन पर बैठकर उन्होंने महंत नृत्य गोपाल दास जी के पांव पखारे।
- फूल-मालाएं पहनाकर आरती उतारी, और पूरा आश्रम भक्ति में डूब गया।
यह पूरा मिलन देखकर श्रद्धालुओं ने बार-बार कहा कि यह दृश्य बेहद दुर्लभ है, जहां दो महान संत एक-दूसरे को ऐसे सम्मान देते दिखे।
महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का संदेश: “भगवान के बिना कोई काम नहीं”
इस मौके पर जब उनसे राम मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिल्कुल सहज स्वभाव में कहा—
“भगवान राम के बिना कोई काम नहीं हो सकता। भगवान की कृपा के बिना कुछ भी नहीं होता। संसार का हर काम भगवान के नाम पर ही निर्भर है।”
महंत जी का यह संदेश भक्तों को सरल भाषा में वही सत्य समझाता है—
हर कार्य का मूल है—भगवान का नाम, उनकी कृपा और श्रद्धा।
संत प्रेमानंद महाराज का संदेश: “इनकी चरण सेवा करने से परम मंगल होगा”
प्रेमानंद महाराज ने कहा—
“हम सबका सौभाग्य है कि ऐसे महापुरुष हमारे बीच हैं। जो उनकी आज्ञा माने, जो उनके चरणों की सेवा करे—उसका परम मंगल निश्चित है।”
उनके इन शब्दों से यह स्पष्ट हुआ कि वे महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज को कितना सम्मान देते हैं और उन्हें एक दिव्य पुरुष मानते हैं।
कौन हैं महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज? — एक संक्षिप्त जीवन परिचय
आज के समय में सबसे सम्मानित संतों में उनका नाम शामिल है। इसलिए Mahant Nritya Gopal Das Ji Maharaj Premananda Maharaj News के साथ-साथ उनके जीवन को समझना भी जरूरी है।
✔ जन्म और प्रारंभिक जीवन
- जन्म: 11 जून 1938, गांव केरहाला, मथुरा
- 1953 में दसवीं पास की और कॉमर्स में एडमिशन लिया
- पढ़ाई के दौरान अध्यात्म की ओर रुझान बढ़ा
✔ 12 वर्ष की उम्र में मथुरा से अयोध्या प्रस्थान
महज 12 साल की उम्र में वे अयोध्या चले गए और वहीं जीवन समर्पित कर दिया।
✔ महंत राम मनोहर दास के शिष्य
- अयोध्या में महामंडलेश्वर राम मनोहर दास के शिष्य बने
- वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री की उपाधि ली
✔ 1965 में बने मणिराम दास छावनी के महंत
- यह अयोध्या का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मठ है
- यह पद उन्होंने आध्यात्मिक क्षमता और कठोर तपस्या के कारण हासिल किया
✔ राम मंदिर आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रहे
- राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार
- श्रीराम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख
- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष
- श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के प्रमुख
उनकी भूमिका ने भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को एक नया अध्याय दिया।
महंत नृत्य गोपाल दास जी और प्रेमानंद महाराज का यह मिलन क्यों खास है?
यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि—
- गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान
- संत परंपरा की विनम्रता
- आध्यात्मिकता की गहराई
- श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण
इस मिलन ने भक्तों को दिखाया कि सच्चे संतों के बीच आपसी सम्मान कितना पवित्र होता है।
निष्कर्ष — ROZ KI BAAT
Mahant Nritya Gopal Das Ji Maharaj Premananda Maharaj News से जुड़ा यह पूरा प्रसंग केवल एक समाचार नहीं, बल्कि भक्तिमय भाव का उत्सव है।
जहां प्रेमानंद महाराज ने विनम्रता की मिसाल पेश की, वहीं महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने भक्ति और भगवान की कृपा का सार बताया।
ऐसे दृश्य आज के समय में बहुत दुर्लभ हैं, और हमें यह याद दिलाते हैं कि संत-समागम अपने आप में ईश्वरीय कृपा है।
FAQ
1. महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज कौन हैं?
वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी के प्रमुख महंत हैं। राम मंदिर आंदोलन और निर्माण दोनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
2. प्रेमानंद महाराज ने महंत नृत्य गोपाल दास जी का स्वागत कैसे किया?
प्रेमानंद महाराज ने उन्हें दंडवत प्रणाम किया, पांव पखारे, माला पहनाई और आरती उतारी। यह दृश्य पूरे आश्रम में भक्ति वातावरण के बीच हुआ।
3. यह मुलाकात कहाँ हुई?
यह भव्य आध्यात्मिक मिलन मथुरा-वृंदावन स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम में हुआ।
4. महंत नृत्य गोपाल दास जी का जन्म कहाँ और कब हुआ?
उनका जन्म 11 जून 1938 को मथुरा जिले के केरहाला गाँव में हुआ था।
5. मुलाकात के दौरान महंत नृत्य गोपाल दास जी ने क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि भगवान राम की कृपा के बिना कोई कार्य संभव नहीं है, इसलिए हर व्यक्ति को भगवान के नाम पर भरोसा रखना चाहिए।