आज के समय में भले ही अंग्रेजी कैलेंडर हर जगह उपयोग किया जाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में व्रत, त्योहार, मुहूर्त और धार्मिक कार्य हमेशा हिंदू कैलेंडर के अनुसार ही किए जाते हैं। यही कारण है कि Hindu Calendar Facts लोगों के लिए हमेशा रोचक विषय रहे हैं। अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिंदू कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं, लेकिन इनके नाम, महत्व और उपयोग का आधार खगोलीय, पौराणिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
हिंदू कैलेंडर के महीनों के नाम कई लोग जानते हैं, जैसे चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ और फाल्गुन, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि इन महीनों के नाम आखिर रखे कैसे गए? आखिर कौन-सा वैज्ञानिक और धार्मिक आधार है, जिसकी वजह से चंद्रमा की चाल के अनुसार इन महीनों को पहचाना जाता है?
इस लेख में हम आपको Hindu Calendar Facts के अनुसार बताएंगे कि हिंदू कैलेंडर के 12 महीनों के नाम कैसे तय किए गए और हर मास के पीछे क्या रोचक तथ्य जुड़े हैं। यह रिसर्च “ROZ KI BAAT” की ओर से आपके लिए खास रूप से तैयार की गई है।

हिंदू कैलेंडर में महीनों की गणना कैसे की जाती है?
हिंदू पंचांग पूरी तरह चंद्रमा पर आधारित है। ज्योतिष के अनुसार:
- चंद्रमा 27 नक्षत्रों का चक्कर लगाता है
- एक चंद्र मास लगभग 29.5 दिनों का होता है
- पूर्णिमा जिस नक्षत्र में पड़ती है, उसी के आधार पर महीने का नाम रखा जाता है
यही कारण है कि हर मास का नाम एक विशेष नक्षत्र से जुड़ा हुआ है। ये प्रक्रिया हजारों वर्ष पहले ऋषि-मुनियों द्वारा खगोलीय गणना पर आधारित थी।
Hindu Calendar Facts: हिंदू कैलेंडर के 12 महीनों के नाम और उनके रोचक अर्थ
अब जानते हैं कि चैत्र से फाल्गुन तक हर महीने का नाम कैसे निर्धारित हुआ।
1. चैत्र – Chaitra
पहले महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में होता है।
इसी वजह से इस महीने का नाम चैत्र रखा गया।
यही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी है।
2. वैशाख – Vaishakh
दूसरे महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में होता है।
इसलिए इसे वैशाख कहा गया।
3. ज्येष्ठ – Jyeshtha
इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में स्थित रहता है।
इसी नक्षत्र से इसका नाम ज्येष्ठ पड़ा।
4. आषाढ़ – Ashadh
चौथे महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में दिखाई देता है।
इस आधार पर यह मास आषाढ़ कहलाया।
5. श्रावण – Shravan
पांचवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है।
इसलिए इसे श्रावण कहा जाता है, जिसे सावन भी कहते हैं।
6. भाद्रपद – Bhadrapad
इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में रहता है।
इसी से इसका नाम भाद्रपद पड़ा।
7. आश्विन – Ashwin
सातवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में होता है।
इसलिए इसे आश्विन कहा गया।
8. कार्तिक – Kartik
आठवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में आता है।
यही वजह है कि यह मास कार्तिक कहलाता है, जो सबसे पवित्र माना जाता है।
9. मार्गशीर्ष – Margashirsha
नौवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होता है।
इसीलिए इसे मार्गशीर्ष कहा जाता है।
10. पौष – Pausha
दसवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में दिखाई देता है।
इस वजह से यह मास पौष कहलाता है।
11. माघ – Magh
ग्यारहवें महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र में होता है।
इस आधार पर इसे माघ कहा गया।
12. फाल्गुन – Phalguna
अंतिम महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होता है।
इससे इसका नाम फाल्गुन रखा गया।
Hindu Calendar Interesting Facts (हिंदू कैलेंडर की रोचक बातें)
नीचे कुछ मजेदार Hindu Calendar Facts दिए गए हैं जिन्हें जानकर आप चकित हो जाएंगे:
✔ हिंदू कैलेंडर चंद्र-सौर है
यह चंद्रमा की गति और सूर्य के ऋतु परिवर्तन दोनों पर आधारित है।
✔ हर महीने का एक देवता
धर्मग्रंथ बताते हैं कि हर मास का एक विशेष स्वामी देवता होता है।
✔ त्योहार तिथियों पर आधारित
दिवाली, होली, रक्षाबंधन, नवरात्र — सभी तिथि आधारित पर्व हैं, न कि अंग्रेजी तारीखों पर।
✔ नक्षत्र सबसे बड़ा आधार
पूर्णिमा का नक्षत्र बदलने से ही महीने का नाम बदल जाता है।
आज भी क्यों महत्वपूर्ण है Hindu Calendar?
“ROZ KI BAAT” के अनुसार, हिंदू कैलेंडर सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि प्रकृति की गति को समझने का सबसे वैज्ञानिक तरीका भी है। किसान फसल बोने के लिए, परिवार विवाह-मुहूर्त देखने के लिए, और धार्मिक लोग पूजा-पाठ के लिए आज भी हिंदू पंचांग का ही उपयोग करते हैं।
Hindu Calendar Facts आपको यह समझाते हैं कि भारतीय समय-गणना कितनी गहराई और खगोल विज्ञान पर आधारित है।
Disclaimer
इस लेख की जानकारी धर्मग्रंथों, पुराणों, विद्वानों और ज्योतिषियों के अध्ययन पर आधारित है। “ROZ KI BAAT” सिर्फ सूचना साझा करने का माध्यम है। उपयोगकर्ता इसे सामान्य सूचना के रूप में ही लें।
Hindu Calendar Facts – 5 FAQ
1. हिंदू कैलेंडर में कुल कितने महीने होते हैं?
हिंदू कैलेंडर में कुल 12 महीने होते हैं—चैत्र से फाल्गुन तक। ये सभी महीने चंद्रमा की गति और पूर्णिमा के नक्षत्र के आधार पर तय होते हैं।
2. हिंदू कैलेंडर के महीनों के नाम कैसे तय किए गए?
महीनों के नाम उस नक्षत्र के आधार पर तय किए गए हैं जिसमें पूर्णिमा के दिन चंद्रमा स्थित होता है। जैसे—चैत्र मास में चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में होता है।
3. हिंदू कैलेंडर अंग्रेजी कैलेंडर से कैसे अलग है?
अंग्रेजी कैलेंडर सूर्य पर आधारित है, जबकि हिंदू कैलेंडर चंद्र-सौर आधारित है। इसमें चंद्रमा की चाल, नक्षत्र और तिथियों को प्रमुख माना जाता है।
4. क्या सभी हिंदू त्योहार कैलेंडर की तिथियों से तय होते हैं?
हाँ, लगभग सभी हिंदू त्योहार जैसे दिवाली, होली, नवरात्रि, रक्षाबंधन आदि तिथि और नक्षत्र के आधार पर ही मनाए जाते हैं।
5. हिंदू कैलेंडर का पहला महीना कौन सा है?
हिंदू कैलेंडर का पहला महीना चैत्र होता है, जो नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में होता है।