Masik Shivratri November 2025: नवंबर में कब करें शिवरात्रि व्रत? पूजा विधि, मुहूर्त और मंत्र

Masik Shivratri November 2025 का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला एक बेहद पुण्यदायी व्रत है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि का अपना अलग ही महत्व माना गया है। नवंबर 2025 में ये व्रत कब है? किस मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए? कौन-सी विधि अपनानी है और कौन-सा मंत्र जाप करना चाहिए—यही सारी जानकारी मैं यहां आपको बिल्कुल आसान भाषा में दे रहा हूँ, जैसे आप खुद लिखते हो।

धर्म ग्रंथों में मासिक शिवरात्रि को मनोकामनाओं की पूर्ति, मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला व्रत माना गया है। इसलिए Masik Shivratri November 2025 को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रहती है। ROZ KI BAAT की इस रिपोर्ट में आपको नवंबर महीने की मासिक शिवरात्रि की डेट से लेकर पूजा विधि, मुहूर्त और मंत्र तक सब मिलेगा।

Masik Shivratri November 2025
Masik Shivratri November 2025: नवंबर में कब करें शिवरात्रि व्रत? पूजा विधि, मुहूर्त और मंत्र

Masik Shivratri November 2025 कब है?

नवंबर 2025 में मासिक शिवरात्रि का व्रत 18 नवंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन अगहन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का संयोग बन रहा है। यानी नवंबर की मासिक शिवरात्रि इसी तिथि को पड़ रही है और इसी दिन भगवान शिव की पूजा की जाएगी।

धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखने और रात में भगवान शिव की विशेष पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।


Masik Shivratri November 2025 पूजा का मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिथ काल में की जाती है, जिसे शिवपूजन का सबसे शुभ समय माना गया है।

  • निशिथ काल पूजा मुहूर्त:
    11:40 PM से 12:33 AM तक (53 मिनट)

इस समय भगवान शिव की पूजा का विशेष फल मिलता है। इसलिए कोशिश करें कि इसी मुहूर्त में पूजा जरूर करें।


Masik Shivratri November 2025 व्रत और पूजा विधि

नीचे मैं पूरी पूजा विधि बिल्कुल वैसे ही लिख रहा हूँ जैसे आप बोलते और समझाते हैं—सीधी-सादी और आसान:

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें

18 नवंबर की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। फिर साफ कपड़े पहनें और घर में शांति का माहौल बनाएं।

व्रत का संकल्प लें

हाथ में जल, चावल और फूल लेकर भगवान शिव का नाम लेते हुए संकल्प करें कि आप पूरे मन से मासिक शिवरात्रि का व्रत करेंगे।

भोजन नियम

– दिन भर कुछ भी न खाएं।
– अगर बिल्कुल न हो पाए तो एक समय फलाहार ले सकते हैं—जैसे दूध, फल या कुछ साधारण व्रत का भोजन।

रात में पूजा की तैयारी करें

निशिथ काल के शुभ मुहूर्त के पहले पूजन सामग्री इकट्ठा कर लें:
जल, दूध, शहद, दही, बिल्व पत्र, धतूरा, चंदन, अक्षत, फूल, दीपक आदि।

शिवलिंग पर अभिषेक करें

पूजा शुरू करते समय पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं।
इसके बाद दूध, दही, शहद और जल का मिश्रण चढ़ाएं (अगर संभव हो)।

भगवान शिव को भोग लगाएं

बिल्व पत्र, फूल, धतूरा और फल चढ़ाएं।
इसके बाद जो भी सरल भोग आपके घर में हो, उसे भगवान को अर्पित करें।

मंत्र जाप

पूजा के दौरान मन ही मन निम्न मंत्र का जाप करते रहें:

“ॐ नमः शिवाय”

यह भगवान शिव का सबसे शक्तिशाली पंचाक्षरी मंत्र माना गया है।
निश्छल भाव से जाप करेंगे तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

रात्रि जागरण करें

मासिक शिवरात्रि में रातभर जागकर भगवान शिव के भजन-कीर्तन करना शुभ माना गया है।

अगले दिन ब्राह्मण भोजन और दान

19 नवंबर की सुबह व्रत का समापन करें।
अगर संभव हो तो ब्राह्मण को भोजन कराएं और अपनी क्षमता अनुसार दान दें।

स्वयं भोजन करें

पारणा के बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करें।

इस तरह विधि-विधान से Masik Shivratri November 2025 का व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।


मासिक शिवरात्रि व्रत का महत्व

  • मन की शांति मिलती है
  • दुखों और बाधाओं से मुक्ति
  • घर में सुख-समृद्धि का वास
  • वैवाहिक जीवन में स्थिरता
  • मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश

मासिक शिवरात्रि का महत्व महाशिवरात्रि से कम नहीं माना गया है। हर महीने यह व्रत करने से जीवन में शिव कृपा बनी रहती है।


कौन-सा मंत्र जाप सबसे श्रेष्ठ है?

पूजा में आप ये मंत्र भी बोल सकते हैं:

“महामृत्युंजय मंत्र”
“ॐ नमः शिवाय”
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे”

इन मंत्रों का उच्चारण मन और शरीर दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।


Disclaimer

इस आर्टिकल की सारी जानकारी धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों की मान्यताओं पर आधारित है। ROZ KI BAAT केवल आपको यह जानकारी पहुंचाने का माध्यम है। इसे सिर्फ सूचना के रूप में ही लें।

Masik Shivratri November 2025 – (FAQ)

1. नवंबर 2025 में मासिक शिवरात्रि कब है?

नवंबर 2025 की मासिक शिवरात्रि 18 नवंबर, मंगलवार को है। अगहन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इसी दिन पड़ रही है, इसलिए इसी दिन व्रत रखा जाएगा।


2. मासिक शिवरात्रि की पूजा किस मुहूर्त में करनी चाहिए?

मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिथ काल में करना सबसे शुभ माना जाता है।
18 नवंबर को पूजा का समय होगा:
रात 11:40 से रात 12:33 तक (53 मिनट)


3. मासिक शिवरात्रि में क्या पूरे दिन उपवास करना जरूरी है?

हां, परंतु यदि किसी को स्वास्थ्य कारणों से परेशानी हो, तो वह एक समय फलाहार कर सकता है। दूध, फल, पानी या व्रत का हल्का भोजन चल जाता है।


4. शिवरात्रि की रात जागरण क्यों किया जाता है?

मान्यता है कि शिवरात्रि की रात जागरण करने से भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है। भजन-कीर्तन, मंत्र जाप और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।


5. मासिक शिवरात्रि के दिन कौन-सा मंत्र सबसे ज्यादा फलदायक है?

मासिक शिवरात्रि में ये मंत्र सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं:

  • ॐ नमः शिवाय
  • महामृत्युंजय मंत्र

इन मंत्रों का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और शिव कृपा प्राप्त होती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top