Sharad Purnima 2025 का इंतजार हर साल भक्त बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ करते हैं। हिंदू पंचांग में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों को सुख, समृद्धि और धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं। इस साल का सबसे बड़ा सवाल यही है – कब है शरद पूर्णिमा इस बार शरद पूर्णिमा के दिन भद्रा और पंचक का साया?
आज हम Roz Ki Baat के इस लेख में आपको बताएंगे कि 2025 में शरद पूर्णिमा कब पड़ रही है, भद्रा का असर क्या होगा, पंचक कब लगेगा और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय कौन से हैं।

कब है शरद पूर्णिमा 2025?
हिंदू पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। 2025 में शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को पड़ेगी। Sharad Purnima 2025 इस दिन पूर्णिमा तिथि सुबह से शुरू होकर रात तक रहेगी।
पूर्णिमा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होकर धरती पर अमृत की वर्षा करता है।
शरद पूर्णिमा पर कब लग रही है भद्रा?
भक्तों के मन में सवाल है कि शरद पूर्णिमा पर कब लग रही है भद्रा। 2025 में भद्रा का काल सुबह से लेकर दोपहर तक रहेगा। sharad purnima 2025 मान्यता है कि भद्रा के समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। इसलिए शरद पूर्णिमा की पूजा और व्रत का शुभ समय भद्रा समाप्त होने के बाद से ही शुरू होगा।
भद्रा का प्रभाव खासकर दान, यात्रा और शुभ कामों पर अशुभ माना जाता है। इसलिए पूजा-पाठ का समय तय करने से पहले भद्रा काल की जानकारी ज़रूरी है।
शरद पूर्णिमा पर कब से पंचक?
इस बार शरद पूर्णिमा पर पंचक का संयोग भी बन रहा है। प्रश्न यही उठता है कि शरद पूर्णिमा पर कब से पंचक शुरू होगा। पंचक का आरंभ 3 अक्टूबर की रात से होगा और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा।
पंचक काल में शुभ काम, मकान निर्माण या नई चीज़ें शुरू करने की मनाही होती है। sharad purnima 2025 हालांकि धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की पूजा पंचक में भी की जा सकती है क्योंकि यह मां लक्ष्मी और भगवान चंद्रमा की आराधना का विशेष दिन है।
शरद पूर्णिमा का महत्व
- इस दिन चांदनी में खीर रखने की परंपरा है। माना जाता है कि चंद्रमा की किरणों से खीर में अमृत का संचार होता है और इसे खाने से आयु, स्वास्थ्य और धन की वृद्धि होती है।
- शरद पूर्णिमा को कौमुदी व्रत भी कहा जाता है।
- मां लक्ष्मी की पूजा इस दिन विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
- ब्रज में रासलीला का आयोजन होता है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग महारास रचाया था।
शरद पूर्णिमा 2025: पूजा विधि
- सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- घर में मां लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करें।
- रात्रि में खुले आकाश के नीचे चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- खीर बनाकर चांदनी में रखें और फिर परिवार संग उसका सेवन करें।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें।
शरद पूर्णिमा और चंद्रमा की अमृत वर्षा
कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अमृत वर्षा करता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी माना गया है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण होते हैं। यही कारण है कि लोग इस रात चांदनी में खीर रखकर सेवन करते हैं।
FAQs (Sharad Purnima 2025)
Q1. कब है शरद पूर्णिमा 2025?
➡️ शरद पूर्णिमा 2025 सोमवार, 6 अक्टूबर को है।
Q2. शरद पूर्णिमा पर कब लग रही है भद्रा?
➡️ इस साल भद्रा का समय सुबह से दोपहर तक रहेगा।
Q3. शरद पूर्णिमा पर कब से पंचक शुरू होगा?
➡️ पंचक 3 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक चलेगा।
Q4. शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की परंपरा क्यों है?
➡️ मान्यता है कि चंद्रमा की किरणों से खीर अमृतमयी हो जाती है और इसे खाने से शुभ फल मिलता है।
Q5. शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है?
➡️ क्योंकि इस दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों को धन-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।