हर साल की तरह इस बार भी हिंदू नव वर्ष के शुरू होते ही लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि Vikram Samvat 2083 आखिर है क्या और इसकी शुरुआत कब से मानी जाती है।
अगर आप भी यही सोच रहे हो कि Vikram Samvat 2083 क्या होता है तो इसे आसान भाषा में समझ लो यह हमारा पारंपरिक हिंदू कैलेंडर है जिसके आधार पर व्रत त्योहार और शुभ मुहूर्त तय किए जाते हैं।
जब आप धीरे-धीरे समझते हो Vikram Samvat 2083 तब आपको खुद एहसास होता है कि यह सिर्फ तारीखों का हिसाब नहीं है बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ एक अहम हिस्सा है।

Hindu Nav Varsh 2026
इस साल Vikram Samvat 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो चुकी है। इसी दिन से हिंदू नव वर्ष और नव संवत्सर का आरंभ माना जाता है।
हर साल की तरह इस बार भी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नया साल शुरू हुआ है।
जब आप समझते हो Vikram Samvat 2083 तब आपको यह भी पता चलता है कि इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत होती है।
मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
Vikram Samvat 2083 क्या है
अगर सीधी भाषा में समझें तो Vikram Samvat 2083 एक ऐसा कैलेंडर है जो अंग्रेजी कैलेंडर से करीब 57 साल आगे चलता है।
भारत में जो भी व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं उनकी तिथियां इसी के आधार पर तय होती हैं।
जब आप अच्छे से समझ लेते हो Vikram Samvat 2083 तब आपको यह भी समझ आता है कि इसमें समय की गणना सूर्य और चंद्रमा दोनों के हिसाब से होती है।
उत्तर भारत और पश्चिम भारत में इसका ज्यादा उपयोग होता है और नेपाल में भी इसे मान्यता मिली हुई है।
Vikram Samvat 2083 में 13 महीने क्यों
इस बार Vikram Samvat 2083 थोड़ा खास है क्योंकि इसमें 12 की जगह 13 महीने होंगे।
आमतौर पर इसमें 12 महीने होते हैं लेकिन जब अधिक मास आता है तब एक महीना और जुड़ जाता है।
इस साल Vikram Samvat 2083 में अधिक मास 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा।
यही वजह है कि यह साल धार्मिक रूप से और भी खास माना जा रहा है।
Vikram Samvat कब शुरू हुआ
अगर इतिहास की बात करें तो Vikram Samvat 2083 की शुरुआत बहुत पुरानी मानी जाती है।
विक्रम संवत की शुरुआत 57 ईसा पूर्व में हुई थी।
ऐसा कहा जाता है कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को हराने के बाद इस संवत की शुरुआत की थी।
जब आप Vikram Samvat 2083 को समझते हो तब आपको यह भी पता चलता है कि यह केवल कैलेंडर नहीं बल्कि हमारी जीत और गौरव की निशानी है।
सम्राट विक्रमादित्य की कहानी
Vikram Samvat 2083 का नाम सम्राट विक्रमादित्य से जुड़ा हुआ है जो एक बहुत ही बहादुर और न्यायप्रिय राजा थे।
कहा जाता है कि वे अपनी प्रजा की हालत जानने के लिए वेश बदलकर घूमते थे।
उन्होंने शकों को हराकर देश की रक्षा की थी इसलिए उन्हें शकारी भी कहा जाता है।
जब हम Vikram Samvat 2083 की बात करते हैं तो यह हमें ऐसे महान राजा की याद दिलाता है।
Vikram Samvat 2083 का महत्व
अगर आप सही से समझो तो Vikram Samvat 2083 का महत्व बहुत बड़ा है।
इसी के आधार पर हमारे सारे धार्मिक कार्य व्रत और त्योहार तय होते हैं।
जब आप Vikram Samvat 2083 को समझ लेते हो तब आप अपने सभी शुभ काम सही समय पर कर सकते हो।
यह केवल समय देखने का तरीका नहीं है बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने का एक माध्यम भी है।
निष्कर्ष
देखा जाए तो Vikram Samvat 2083 सिर्फ एक नया साल नहीं है बल्कि यह हमारी परंपरा इतिहास और आस्था से जुड़ा हुआ है।
इसकी शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो चुकी है और इस बार 13 महीनों का विशेष योग भी बन रहा है।
जब आप अच्छे से समझ लेते हो Vikram Samvat 2083 तब आपको अपनी संस्कृति की असली गहराई समझ में आती है।
FAQs
Q1. Vikram Samvat 2083 कब से शुरू हुआ है?
Ans: Vikram Samvat 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई है, इसी दिन से हिंदू नव वर्ष भी शुरू माना जाता है।
Q2. Vikram Samvat 2083 क्या है?
Ans: Vikram Samvat 2083 एक प्राचीन हिंदू कैलेंडर है, जिसके आधार पर व्रत, त्योहार और शुभ मुहूर्त तय किए जाते हैं।
Q3. Vikram Samvat 2083 अंग्रेजी कैलेंडर से कितना आगे है?
Ans: Vikram Samvat 2083 अंग्रेजी कैलेंडर से लगभग 57 साल आगे चलता है।
Q4. Vikram Samvat 2083 में 13 महीने क्यों हैं?
Ans: Vikram Samvat 2083 में अधिक मास आने के कारण इस साल 12 की बजाय 13 महीने होंगे।
Q5. Vikram Samvat 2083 की शुरुआत किसने की थी?
Ans: Vikram Samvat 2083 की शुरुआत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने 57 ईसा पूर्व में की थी।