Chandra Grahan 2026 को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, खासतौर पर इसलिए क्योंकि इस बार चंद्र ग्रहण का संयोग होली के आसपास बन रहा है। हर साल की तरह इस बार भी फाल्गुन मास में होली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन इसी दौरान साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ग्रहण के कारण होलिका पूजन और होली उत्सव पर कोई असर पड़ेगा या नहीं?
ROZ KI BAAT में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि Chandra Grahan 2026 कब है, सूतक काल कब से शुरू होगा, क्या होलिका पूजन किया जा सकेगा और ग्रहण के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Chandra Grahan 2026 कब है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर पड़ रहा है।
पंचांग के अनुसार,
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत: 02 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:55 बजे
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 03 मार्च 2026, मंगलवार शाम 05:07 बजे
इस पूर्णिमा तिथि के दौरान Chandra Grahan 2026 का संयोग बन रहा है, जिस कारण लोगों के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय
भारतीय समय के अनुसार,
- चंद्र ग्रहण की शुरुआत: 03 मार्च 2026, दोपहर 03:20 बजे
- चंद्र ग्रहण की समाप्ति: 03 मार्च 2026, शाम 06:47 बजे
इस प्रकार Chandra Grahan 2026 की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट की होगी।
क्या भारत में दिखाई देगा Chandra Grahan 2026?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसलिए इस ग्रहण के सूतक और धार्मिक नियम भारत में मान्य होंगे।
हालांकि यह ग्रहण आंशिक होगा, फिर भी चूंकि यह भारत में दृश्य होगा, इसलिए सूतक काल का पालन करना जरूरी माना गया है।
Chandra Grahan 2026 का सूतक काल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,
- चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
इस हिसाब से Chandra Grahan 2026 का सूतक
- 03 मार्च 2026, सुबह लगभग 06:20 बजे से शुरू हो जाएगा
- सूतक ग्रहण समाप्त होने तक रहेगा, यानी शाम 06:47 बजे तक
सूतक काल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
क्या चंद्र ग्रहण के कारण होलिका पूजन नहीं होगा?
यह सबसे अहम सवाल है, और इसका जवाब जानकर आपको राहत मिलेगी।
परंपरा के अनुसार,
- होलिका पूजन और दहन हमेशा शाम और रात के समय किया जाता है
- साल 2026 में होलिका पूजन और दहन 02 मार्च 2026, सोमवार को किया जाएगा
जबकि Chandra Grahan 2026
- 03 मार्च 2026, दोपहर में शुरू हो रहा है
इसलिए चंद्र ग्रहण का होलिका पूजन और दहन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। महिलाएं और श्रद्धालु 2 मार्च की शाम को शुभ मुहूर्त में बिना किसी चिंता के होलिका पूजन कर सकते हैं।
होली 2026 कब मनाई जाएगी?
- होलिका दहन: 02 मार्च 2026, सोमवार
- रंगों की होली (धुरेड़ी): 03 मार्च 2026, मंगलवार
हालांकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है, लेकिन ग्रहण दोपहर बाद शुरू होगा। इसलिए लोग सुबह और दोपहर में होली का उत्सव मना सकते हैं।
ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?
क्या न करें:
- ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ न करें
- मंदिर न जाएं
- भोजन न बनाएं और न खाएं
- भगवान की मूर्ति को स्पर्श न करें
क्या करें:
- मन ही मन मंत्र जाप करें
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें
- घर में गंगाजल का छिड़काव करें
- पूजा स्थल को शुद्ध करें
ग्रहण के बाद दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।
होली और चंद्र ग्रहण का धार्मिक महत्व
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जबकि चंद्र ग्रहण को आत्मचिंतन और संयम का समय माना जाता है। ROZ KI BAAT में हम यही सलाह देते हैं कि परंपरा और विज्ञान दोनों को संतुलन के साथ समझें।
इस बार होली और Chandra Grahan 2026 का संयोग लोगों के लिए डर का नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ उत्सव मनाने का अवसर है।
Disclaimer
इस लेख में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, पंचांग और विद्वानों के मत पर आधारित है। ROZ KI BAAT का उद्देश्य सिर्फ सूचना देना है। किसी भी धार्मिक निर्णय से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।
FAQs
FAQ 1: Chandra Grahan 2026 कब लगेगा?
उत्तर: Chandra Grahan 2026, 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को लगेगा। यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा।
FAQ 2: क्या Chandra Grahan 2026 भारत में दिखाई देगा?
उत्तर: हां, Chandra Grahan 2026 भारत में दिखाई देगा। इसलिए भारत में सूतक काल और ग्रहण से जुड़े सभी धार्मिक नियम मान्य होंगे।
FAQ 3: Chandra Grahan 2026 का सूतक काल कब से शुरू होगा?
उत्तर: चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। इस अनुसार Chandra Grahan 2026 का सूतक 3 मार्च की सुबह लगभग 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा।
FAQ 4: क्या चंद्र ग्रहण के कारण होलिका पूजन नहीं किया जाएगा?
उत्तर: नहीं, Chandra Grahan 2026 का होलिका पूजन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। होलिका पूजन और दहन 2 मार्च 2026 को होगा, जबकि चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा।
FAQ 5: चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
उत्तर: Chandra Grahan 2026 के दौरान पूजा-पाठ, भोजन और मंदिर जाना वर्जित माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, पूजा और दान करना शुभ माना जाता है।