Facts 2026: होली-रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण, ज्येष्ठ का अधिक मास भी इसी साल, जानें 10 रोचक फैक्ट्स

साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और यह साल कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से लेकर तीज-त्योहारों की तिथियों तक, इस साल ऐसी कई स्थितियां बन रही हैं जो आम वर्षों में देखने को नहीं मिलतीं। Facts 2026 उन सभी लोगों के लिए खास हैं जो पंचांग, धर्म और त्योहारों में रुचि रखते हैं। इस साल कहीं तिथि बढ़ रही है तो कहीं पर्व दो दिन मनाए जाएंगे। कहीं ग्रहण का संयोग है तो कहीं अधिक मास का।

ROZ KI BAAT के इस लेख में हम आपको बता रहे हैं साल 2026 से जुड़े ऐसे ही 10 रोचक फैक्ट्स, जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है।

Facts 2026
Facts 2026: होली-रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण, ज्येष्ठ का अधिक मास भी इसी साल, जानें 10 रोचक फैक्ट्स

1. दो दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति

साल 2026 में मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। पंचांगों के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य दोपहर बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसी वजह से पुण्य काल 15 जनवरी को माना जाएगा। खास बात यह है कि 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का संयोग भी बन रहा है। Facts 2026 में यह संयोग काफी दुर्लभ माना जा रहा है, जो कई दशकों बाद बनता है।


2. विक्रम संवत 2083 की शुरुआत

हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में विक्रम संवत 2083 का आरंभ 19 मार्च से होगा। इसी दिन चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाएगा। विक्रम संवत 2083 का नाम ‘सिद्धार्थी’ रहेगा। Facts 2026 में यह भी खास है कि हिंदू नववर्ष कई शुभ योगों के साथ शुरू होगा।


3. किन राशियों पर रहेगी साढ़ेसाती और ढैय्या

साल 2026 में शनि पूरे समय मीन राशि में स्थित रहेंगे। इस कारण मीन, कुंभ और मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। वहीं सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या चलेगी। 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक शनि वक्री अवस्था में रहेंगे, जिससे कई राशियों पर इसका असर गहराई से दिखाई देगा। Facts 2026 में शनि की यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


4. गुरु ग्रह दो बार बदलेंगे राशि

आमतौर पर बृहस्पति साल में एक बार ही राशि बदलते हैं, लेकिन Facts 2026 में यह ग्रह दो बार राशि परिवर्तन करेगा। गुरु 2 जून को मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और 1 नवंबर को कर्क से सिंह राशि में जाएंगे। यह स्थिति शिक्षा, धर्म और विवाह से जुड़े मामलों पर विशेष असर डालेगी।


5. ज्येष्ठ का अधिक मास भी इसी साल

हर तीन साल में आने वाला अधिक मास साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा। ज्येष्ठ का अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। इस कारण विक्रम संवत 2083 बारह नहीं बल्कि तेरह महीनों का होगा। Facts 2026 में अधिक मास का यह संयोग धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।


6. साल 2026 में होंगे 2 सूर्य ग्रहण

Facts 2026 के अनुसार इस साल कुल चार ग्रहण होंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण शामिल हैं। पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को होगा और दूसरा 12 अगस्त को। हालांकि ये दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए यहां इनका धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा।


7. होली पर चंद्र ग्रहण का संयोग

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को होगा और खास बात यह है कि इसी दिन होली का पर्व मनाया जाएगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, लेकिन शास्त्रों के अनुसार पर्व पर इसका कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम 6:47 तक रहेगा। Facts 2026 में होली पर ग्रहण का यह संयोग लोगों के लिए खास चर्चा का विषय रहेगा।


8. रक्षाबंधन पर भी चंद्रग्रहण

Facts 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भी चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए राखी बांधने पर कोई रोक नहीं होगी। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा भी नहीं है, जिससे बहनें पूरे दिन राखी बांध सकेंगी।


9. 10 दिन की होगी शारदीय नवरात्रि

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि 9 नहीं बल्कि 10 दिन की होगी। तिथि वृद्धि के कारण यह स्थिति बन रही है। नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगी और विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी। Facts 2026 में यह बदलाव भी काफी अहम माना जा रहा है।


10. दिवाली उत्सव 6 दिनों तक चलेगा

पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी दिवाली उत्सव 6 दिनों का होगा। धनतेरस 6 नवंबर को, नरक चतुर्दशी 7 को, लक्ष्मी पूजा 8 को, गोवर्धन पूजा 9 को और भाई दूज 12 नवंबर को मनाई जाएगी। Facts 2026 के अनुसार दिवाली का यह विस्तृत उत्सव धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से खास रहेगा।


निष्कर्ष

साल 2026 तीज-त्योहारों, ग्रहों की चाल और पंचांग की दृष्टि से बेहद खास है। Facts 2026 न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये हमें आने वाले साल की दिशा और प्रभावों को भी समझने में मदद करते हैं। ROZ KI BAAT पर हम ऐसे ही महत्वपूर्ण और भरोसेमंद धार्मिक-ज्योतिषीय कंटेंट आपके लिए लाते रहेंगे।


Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। ROZ KI BAAT इसका समर्थन या दावा नहीं करता। पाठक इसे केवल सूचना के रूप में लें।

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