How to Stop Procrastination: टालमटोल कैसे बंद करें?

कई बार ऐसा होता है कि काम सामने होता है, पता भी होता है कि करना ज़रूरी है, लेकिन फिर भी मन कहता है – “थोड़ी देर बाद कर लेंगे।” यही थोड़ी देर, धीरे-धीरे आदत बन जाती है। फिर यही आदत टालमटोल कहलाती है।
अब सवाल ये है कि आखिर how to stop procrastination और खुद को काम के लिए कैसे तैयार करें?

ROZ KI BAAT आज इसी मुद्दे पर बिल्कुल साफ और आसान तरीके से बात करेगा।

How to Stop Procrastination
How to Stop Procrastination: टालमटोल कैसे बंद करें?

टालमटोल होती क्यों है?

सबसे पहले ये समझना ज़रूरी है कि टालमटोल आलस नहीं है। कई लोग बहुत मेहनती होते हैं, फिर भी काम टालते हैं। असल में टालमटोल तब होती है जब—

  • काम बहुत मुश्किल लगता है
  • काम बोरिंग लगता है
  • गलती होने का डर होता है
  • परफेक्ट करने का दबाव होता है

दिमाग खुद को बचाने के लिए काम टाल देता है। अगर आप सच में जानना चाहते हैं how to stop procrastination, तो वजह पहचानना बहुत ज़रूरी है।

“कल कर लेंगे” सबसे बड़ा दुश्मन है

“कल कर लेंगे” सुनने में आसान लगता है, लेकिन यही वाक्य सबसे ज़्यादा नुकसान करता है। आज का काम जब कल पर जाता है, तो दिमाग पर बोझ बन जाता है। फिर वही काम और बड़ा लगने लगता है।

ROZ KI BAAT सीधी है –
जो काम आज 20 मिनट में हो सकता है, वही कल 2 घंटे का तनाव बन सकता है।

समय नहीं, दिशा की कमी होती है

अक्सर हम कहते हैं – “आज टाइम ही नहीं मिला।”
सच ये है कि समय मिलता है, लेकिन दिशा नहीं होती।

दिन ऐसे ही निकल जाता है – थोड़ा मोबाइल, थोड़ा इधर-उधर, फिर शाम को पछतावा। अगर आप सीखना चाहते हैं how to stop procrastination, तो दिन की शुरुआत में ही तय करिए कि आज सबसे ज़रूरी काम कौन-सा है।

पूरी लिस्ट मत बनाइए, सिर्फ़ एक काम चुनिए।

काम छोटा करो, डर अपने आप छोटा होगा

जब हम कहते हैं – “पूरा प्रोजेक्ट करना है” या “पूरा सिलेबस पढ़ना है”, तो दिमाग डर जाता है। इसलिए काम को छोटे हिस्सों में बाँटना बहुत ज़रूरी है।

आज सिर्फ़ शुरुआत करो।
आज सिर्फ़ 10 मिनट दो।

यही सबसे आसान तरीका है how to stop procrastination को अपनाने का।

फोकस क्यों नहीं बन पाता?

काम शुरू करते ही मोबाइल याद आ जाता है। नोटिफिकेशन, रील्स, मैसेज – सब कुछ ज़रूरी लगने लगता है। फिर काम वहीं का वहीं रह जाता है।

ROZ KI BAAT यही कहती है –
काम के समय फोन आपका दोस्त नहीं, दुश्मन है।

काम करते समय:

  • फोन साइलेंट पर रखिए
  • सोशल मीडिया से दूर रहिए
  • एक ही काम पर ध्यान दीजिए

मोटिवेशन का इंतज़ार मत करो

बहुत लोग कहते हैं – “आज मन नहीं है, कल मोटिवेशन आएगा।”
सच ये है कि मोटिवेशन रोज़ नहीं आता।

जो लोग आगे बढ़ते हैं, वो मन होने का इंतज़ार नहीं करते। वो सिस्टम बनाते हैं। रोज़ एक तय समय पर बैठते हैं, चाहे मन हो या न हो।

यही असली तरीका है how to stop procrastination को लंबे समय के लिए खत्म करने का।

खुद से ईमानदार सवाल पूछो

जब भी आप काम टालने लगें, खुद से पूछिए –
अगर ये काम आज नहीं किया, तो क्या होगा?

जवाब ज़्यादातर साफ होता है –
टेंशन बढ़ेगी, काम और भारी होगा, मन खराब रहेगा।

ROZ KI BAAT में इसे कहते हैं – खुद से सच बोलना।

रोज़ की आदतें बहुत फर्क डालती हैं

टालमटोल एक दिन में नहीं बनती और एक दिन में खत्म भी नहीं होती। रोज़ की छोटी आदतें इसमें बहुत रोल निभाती हैं।

  • देर रात तक जागना
  • बिना प्लान के दिन बिताना
  • काम को टालते रहना

अगर आप सच में जानना चाहते हैं how to stop procrastination, तो इन छोटी आदतों पर ध्यान देना होगा।

खुद को ज़्यादा मत कोसो

कई बार हम खुद से बहुत नाराज़ हो जाते हैं – “मैं तो कुछ कर ही नहीं पाता।”
इससे हालत और खराब हो जाती है।

आज काम नहीं हुआ – ठीक है।
लेकिन वहीं रुक जाना सही नहीं है।

ROZ KI BAAT यही कहती है –
खुद को माफ़ करो, लेकिन दोबारा कोशिश ज़रूर करो।

रोज़ थोड़ा-थोड़ा बेहतर बनो

आपको परफेक्ट बनने की ज़रूरत नहीं है। बस कल से थोड़ा बेहतर बनना है। आज 10 मिनट काम किया, कल 15 मिनट कर लो।

यही धीरे-धीरे टालमटोल को खत्म करता है।
यही तरीका है how to stop procrastination को अपनी ज़िंदगी से बाहर करने का।

निष्कर्ष

टालमटोल कोई बीमारी नहीं है। यह एक आदत है, और हर आदत बदली जा सकती है। सही सोच, छोटे कदम और रोज़ की ईमानदार कोशिश से आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं।

अगर आप बार-बार सोचते हैं कि how to stop procrastination, तो जवाब यही है –
आज से शुरू करो, अभी से शुरू करो, छोटे काम से शुरू करो।

काम पूरा होने के बाद जो सुकून मिलता है, वो टालने से कभी नहीं मिलेगा।
यही है ज़िंदगी की ROZ KI BAAT

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