5 जनवरी 2026 का पंचांग: पूर्व दिशा में न करें यात्रा, राहुकाल सुबह 08:33 से 09:52 तक

5 जनवरी 2026 का पंचांग हिंदू धर्म में शुभ-अशुभ कार्यों की योजना बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, ग्रहों की चाल और राहुकाल देखकर ही किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना उचित माना गया है। सोमवार, 5 जनवरी 2026 को माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी और इस दिन ग्रहों की स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

ROZ KI BAAT के इस लेख में हम आपको 5 जनवरी 2026 का पंचांग विस्तार से बताएंगे, जिसमें शुभ मुहूर्त, अशुभ समय, दिशा शूल, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

5 जनवरी 2026 का पंचांग
5 जनवरी 2026 का पंचांग: पूर्व दिशा में न करें यात्रा, राहुकाल सुबह 08:33 से 09:52 तक

5 जनवरी 2026 का पंचांग: तिथि और योग

पंचांग के अनुसार, 5 जनवरी 2026 का पंचांग बताता है कि इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 10 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ हो जाएगी। सोमवार के दिन विषकुंभ, प्रीति, प्रजापति और सौम्य नाम के चार योग बन रहे हैं। इन योगों का प्रभाव दिनभर देखने को मिलेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में 5 जनवरी 2026 का पंचांग शिव पूजन, जप और व्रत के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।


5 जनवरी 2026 को ग्रहों की स्थिति

अगर ग्रहों की चाल की बात करें तो 5 जनवरी 2026 का पंचांग के अनुसार चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा। गुरु मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि बुध, शुक्र, सूर्य और मंगल धनु राशि में रहेंगे। शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे।

ग्रहों की यह स्थिति सभी राशियों पर शुभ-अशुभ दोनों तरह के प्रभाव डाल सकती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा का कर्क राशि में होना मानसिक शांति और पारिवारिक मामलों के लिए अच्छा माना जाता है।


सोमवार को किस दिशा में यात्रा न करें?

5 जनवरी 2026 का पंचांग दिशा शूल की जानकारी भी देता है। सोमवार के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिशा में यात्रा करने से कार्यों में बाधा और मानसिक परेशानी आ सकती है।

अगर किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो, तो शास्त्रों में कुछ उपाय बताए गए हैं। 5 जनवरी 2026 का पंचांग के अनुसार, यात्रा से पहले शीशे में अपना चेहरा देख लें या कोई भी पुष्प खाकर घर से निकलें। इससे दिशा दोष का प्रभाव कम हो सकता है।


5 जनवरी 2026 का पंचांग: राहुकाल का समय

राहुकाल को किसी भी शुभ कार्य के लिए अशुभ माना जाता है। 5 जनवरी 2026 का पंचांग के अनुसार इस दिन राहुकाल सुबह 08 बजकर 33 मिनट से 09 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना वर्जित माना जाता है।

हालांकि, धार्मिक ग्रंथों के अनुसार राहुकाल में पूजा-पाठ, मंत्र जप और ध्यान करना शुभ फल प्रदान करता है।


सूर्य और चंद्रमा उदय-अस्त समय

5 जनवरी 2026 का पंचांग में सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय भी महत्वपूर्ण है।

  • सूर्योदय: सुबह 7:13 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 5:50 बजे
  • चंद्रोदय: रात 8:05 बजे
  • चंद्रास्त: अगले दिन सुबह 9:32 बजे

इन समयों के आधार पर पूजा और व्रत का समय तय किया जाता है।


5 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त

धार्मिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। 5 जनवरी 2026 का पंचांग के अनुसार इस दिन कई शुभ समय उपलब्ध हैं। सुबह के समय पूजा-पाठ और ध्यान के लिए अच्छा योग बन रहा है। दोपहर और शाम के समय भी कुछ अवधि शुभ मानी गई है, जिनमें धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।


5 जनवरी 2026 का अशुभ समय

शुभ समय के साथ-साथ अशुभ समय की जानकारी भी जरूरी है। 5 जनवरी 2026 का पंचांग के अनुसार इस दिन यम गण्ड, कुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम् का समय रहेगा। इन कालों में किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।


धार्मिक दृष्टि से 5 जनवरी 2026 का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 5 जनवरी 2026 का पंचांग सोमवार और माघ मास का संयोग होने के कारण विशेष महत्व रखता है। माघ मास को स्नान, दान और पुण्य कर्मों का महीना माना गया है। इस दिन शिव पूजा, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने से विशेष फल प्राप्त होता है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, 5 जनवरी 2026 का पंचांग दिन की सही योजना बनाने में मदद करता है। इस दिन पूर्व दिशा की यात्रा से बचना चाहिए और राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक कार्यों के लिए दिन शुभ है, बशर्ते सही मुहूर्त का चयन किया जाए।

ROZ KI BAAT आपको यही सलाह देता है कि किसी भी बड़े निर्णय से पहले पंचांग जरूर देखें, ताकि जीवन में शुभता और सकारात्मकता बनी रहे।


Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी धर्म ग्रंथों, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। ROZ KI BAAT केवल सूचना प्रदान करता है। किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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